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International Day of Human Space Flight: कौन हैं यूरी गागरिन जिन्होंने सबसे पहले अंतरिक्ष में कदम रख रचा इतिहास?

Who Is Yuri Gagarin: साल 1961 में सोवियत संघ (Soviet Citizen) के यूरी गागरिन Vostok 1 नामक अंतरिक्ष यान में सफर कर पृथ्वी की orbit में चक्कर लगाया और पूरी दुनिया में इतिहास रच दिया. 

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Edited By: Princy Sharma
International Day of Human Space Flight: कौन हैं यूरी गागरिन जिन्होंने सबसे पहले अंतरिक्ष में कदम रख रचा इतिहास?
Courtesy: Pinterest

International Day of Human Space Flight: हर साल 12 अप्रैल के दिन अंतरराष्ट्रीय मानव अंतरिक्ष उड़ान दिवस मनाया जाता है. ये दिन उस शानदार और ऐतिहासिक पल की याद दिलाती है जब इंसान ने अंतरिक्ष की यात्रा की थी. साल 1961 में सोवियत संघ (Soviet Citizen) के यूरी गागरिन Vostok 1 नामक अंतरिक्ष यान में सफर कर पृथ्वी की orbit में चक्कर लगाया और पूरी दुनिया में इतिहास रच दिया. 

यूरी अलेक्सेयेविच गागरिन का जन्म 9 मार्च 1934 को रूस के क्लुशिनो गांव में हुआ था. उनका परिवार एक साधारण किसान परिवार था. बचपन में उन्होंने एक धातु निर्माण फैक्ट्री में काम किया और फिर पढ़ाई के लिए साराटोव तकनीकी स्कूल गए. वहीं उन्होंने AeroClub जॉइन किया और छोटी विमानों को उड़ाना सीखा. यही शौक उन्हें आगे ले गया और उन्होंने 1955 में सैन्य पायलट ट्रेनिंग पूरी की.  1960 में यूरी की काबिलियत ने उन्हें उन 20 पायलटों की सूची में ला खड़ा किया जिन्हें एक गुप्त चयन प्रक्रिया के तहत चुना गया था. इसके बाद वे एक खास समूह Sochi Six का हिस्सा बने, जो वॉस्तोक कार्यक्रम के पहले अंतरिक्ष यात्री बनने वाले थे.

पूरी पृथ्वी का लगाया चक्कर

जब यूरी गागरिन अंतरिक्ष में गए, तो यह इतिहास में एक बड़ा मोड़ था. उन्होंने पूरी पृथ्वी का चक्कर लगाया और यह साबित किया कि इंसान अंतरिक्ष की सीमाएं पार कर सकता है. इसी कारण 12 अप्रैल को हर साल यह दिन मनाया जाता है ताकि इस ऐतिहासिक उपलब्धि को याद रखा जाए.

अंतरिक्ष यात्रा क्यों है जरूरी?  

अंतरिक्ष की खोज केवल विज्ञान नहीं, बल्कि मानव सभ्यता के भविष्य का सवाल है. इससे हमें न सिर्फ हमारे सौरमंडल के रहस्यों को समझने में मदद मिलती है, बल्कि यह हमें संभावित खतरों, संसाधनों और ऊर्जा स्रोतों के बारे में भी जानकारी देता है. आज हम जो GPS, मौसम पूर्वानुमान, मोबाइल कैमरे, सोलर पैनल, आदि इस्तेमाल करते हैं, वे सभी अंतरिक्ष विज्ञान की ही देन हैं. सैटेलाइट्स की मदद से पूरी दुनिया जुड़ी हुई है, और वैज्ञानिक लगातार पृथ्वी जैसे नए ग्रहों की खोज में लगे हुए हैं जहां भविष्य में जीवन संभव हो सके.