नई दिल्ली: इंडोनेशिया शनिवार को लगातार भूकंप के झटकों से दहल उठा. फ्लोरेस क्षेत्र में सुबह आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचाई, जिसमें कम से कम 40 लोगों की मौत की खबर सामने आई. कई इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं और भूस्खलन की घटनाएं भी हुईं. हालात संभलने से पहले दोपहर में 6.5 तीव्रता का एक और भूकंप आया. नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के अनुसार, यह झटका भारतीय समयानुसार शाम 4:24 बजे आया.
पहले भूकंप के बाद शनिवार दोपहर इंडोनेशिया में 6.5 तीव्रता का दूसरा शक्तिशाली झटका दर्ज किया गया. एनसीएस के मुताबिक इसकी गहराई 165 किलोमीटर थी. भूकंप का केंद्र 3.043 उत्तरी अक्षांश और 99.105 पूर्वी देशांतर पर दर्ज हुआ. यह झटका ऐसे समय आया, जब प्रशासन पहले भूकंप से हुए नुकसान और राहत कार्यों में जुटा था.
शनिवार तड़के फ्लोरेस द्वीप के पास 7.7 तीव्रता का भूकंप आया. इसके तेज झटकों से कई इमारतें ढह गईं और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए. शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम 38 से 40 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई, जबकि बचाव अभियान जारी रहने के कारण आंकड़े बदल सकते हैं. भूकंप के बाद कई इलाकों में बिजली और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई.
शक्तिशाली भूकंप के बाद अधिकारियों ने संभावित सुनामी को देखते हुए तटीय इलाकों में चेतावनी जारी की. लोगों से सुरक्षित और ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की गई. हालांकि बाद में चेतावनी वापस ले ली गई. निगरानी में समुद्र के जलस्तर में कोई बड़ा बदलाव नहीं पाया गया. रिपोर्टों के मुताबिक, भूकंप के कारण कुछ क्षेत्रों में छोटी सुनामी और भूस्खलन भी हुआ.
भूकंप का केंद्र फ्लोरेस क्षेत्र में एंडे शहर के आसपास बताया गया. यूएस जियोलॉजिकल सर्वे के अनुसार, शुरुआती 7.7 तीव्रता का भूकंप करीब 10 किलोमीटर की गहराई पर आया था. इसकी वजह से कई स्थानों पर मलबा और भूस्खलन हुआ, जिससे राहत दलों के सामने मुश्किलें बढ़ीं. प्रभावित क्षेत्रों में घायलों को उपचार देने और क्षतिग्रस्त इलाकों का जायजा लेने का काम जारी है.
इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के ‘रिंग ऑफ फायर’ क्षेत्र में स्थित है, इसलिए यहां भूकंप और ज्वालामुखीय गतिविधियां आम हैं. शनिवार के लगातार झटकों ने लोगों में डर बढ़ा दिया. कई परिवार सुरक्षित स्थानों की ओर चले गए. प्रशासन की चुनौती अब प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने, क्षतिग्रस्त ढांचे की जांच करने और लगातार आ रहे झटकों के बीच लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की है.