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India Daily

भारतीय पासपोर्ट एक बार फिर हुआ कमजोर, अमेरिका को भी लगा झटका, जानें पाकिस्तान की रैंकिंग

भारतीय पासपोर्ट की रैंकिंग में साल 2021 से सुधार के संकेत मिले थे, जब साल 2024 में इंडियन पासपोर्ट 80वें स्थान पर पहुंच गया था. साल 2025 गिरकर यह 85वें स्थान पर पहुंच गया है.

Kamal Kumar Mishra
भारतीय पासपोर्ट एक बार फिर हुआ कमजोर, अमेरिका को भी लगा झटका, जानें पाकिस्तान की रैंकिंग
Courtesy: x

Indian Passport: हेनले पासपोर्ट इंडेक्स 2025 ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली पासपोर्ट की लिस्ट में भारत की रैंकिंग में खतरनाक गिरावट का खुलासा किया है. जो 80वें स्थान से पांच पायदान नीचे गिरगर 85वें स्थान पर आ गया है. यह रैंकिंग अंतर्राष्ट्रीय वायु परिवहन संघ (IATA) के विशेष डेटा का उपयोग करके उन गंतव्यों की संख्या पर आधारित है, जिन तक वीजा-मुक्त पहुंचा जा सकता है.

नवीनतम रैंकिंग के अनुसार, भारतीय पासपोर्ट धारक 57 गंतव्यों पर वीजा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं, जो इक्वेटोरियल गिनी और नाइजर के साथ 85वें स्थान पर है. इसके विपरीत, सिंगापुर ने अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा है, जिसके पासपोर्ट धारक दुनिया भर में 195 गंतव्यों पर वीजा-मुक्त पहुंच का आनंद ले रहे हैं.

इन देशों के लोग बिना वीजा के इतने देशों की कर सकते हैं यात्रा-

सिंगापुर (195 गंतव्य)
जापान (193)
फ्रांस, जर्मनी, इटली, स्पेन, फिनलैंड, दक्षिण कोरिया (192)
ऑस्ट्रिया, डेनमार्क, आयरलैंड, लक्जमबर्ग, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे (191)
बेल्जियम, न्यूजीलैंड, पुर्तगाल, स्विट्जरलैंड, यूनाइटेड किंगडम (190)
ग्रीस, ऑस्ट्रेलिया (189)
कनाडा, पोलैंड, माल्टा (188)
हंगरी, चेकिया (187)
एस्टोनिया, संयुक्त राज्य अमेरिका (186)
लिथुआनिया, लातविया, स्लोवेनिया, संयुक्त अरब अमीरात (185)

यूरोपीय देशों का दबदबा

शीर्ष 10 की सूची में यूरोपीय देशों का दबदबा है, जिसमें जापान, फिनलैंड, फ्रांस, जर्मनी, इटली, दक्षिण कोरिया और स्पेन सभी ने स्थान सुरक्षित कर लिया है. यूएई ने महत्वपूर्ण प्रगति की है, 32 पायदान चढ़कर 10वां स्थान हासिल किया है, जिसके पास दुनिया भर में 185 गंतव्यों तक वीजा-मुक्त पहुंच है.

भारत के साथ ही अमेरिका दूसरे स्थान से 7 पायदान नीचे गिरकर 9वें स्थान पर आ गया है, विशेषज्ञों ने इस गिरावट का श्रेय देश के बढ़ते अंतर्मुखी और अलगाववादी राजनीतिक रुझानों को दिया है. सेंटर फॉर स्ट्रैटेजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की वरिष्ठ एसोसिएट एनी फोर्ज़हाइमर ने कहा कि "अमेरिकी राजनीतिक रुझान उल्लेखनीय रूप से अंतर्मुखी और अलगाववादी हो गए हैं. 2024 के राष्ट्रपति अभियान के दौरान मतदाताओं को यह कहानी सुनाई गई कि अमेरिका अकेला खड़ा हो सकता है."

पाकिस्तान 103वें नंबर पर

दूसरी ओर, पाकिस्तान, यमन, इराक, सीरिया और अफगानिस्तान जैसे देशों को दुनिया भर के गंतव्यों तक सीमित वीजा-मुक्त पहुंच के साथ महत्वपूर्ण यात्रा प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है. विशेष रूप से अफगानिस्तान हेनले पासपोर्ट इंडेक्स में सबसे निचले पायदान पर बना हुआ है, जहां के पासपोर्ट धारकों को इंडेक्स के 19 साल के इतिहास में सबसे बड़े अंतर का सामना करना पड़ रहा है. पाकिस्तान की साल 2025 में 103वें रैंक पर है.

भारत के पासपार्ट का पिछला इतिहास

भारत की रैंकिंग में पिछले कुछ वर्षों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है, जो 2006 में 71वें स्थान पर पहुंच गई थी. 2021 में देश की रैंकिंग में काफी गिरावट आई है, संभवतः कोविड-19 महामारी के दौरान लगाए गए वैश्विक यात्रा प्रतिबंधों के कारण. हालांकि, 2021 से भारत की रैंकिंग में सुधार के संकेत मिले थे, जो 2024 में 80वें स्थान पर पहुंच गई, जबकि 2025 में यह गिरकर 85वें स्थान पर आ गई.