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India Daily

आयरलैंड में भारतीय नागरिक पर हमला, कपड़े फाड़ने के बाद जमकर पीटा, नस्लवाद विवाद शुरू

पीड़ित शख्स को शाम को इलाज के लिए टैलाघ्ट विश्वविद्यालय अस्पताल ले जाया गया और गार्डाई (आयरिश राष्ट्रीय पुलिस) ने घटना की जाँच शुरू कर दी है. गार्डाई को टैलाघ्ट के पार्कहिल रोड पर हुई इस घटना के बारे में लगभग शाम 6 बजे सूचना मिली थी.

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Edited By: Mayank Tiwari
आयरलैंड में भारतीय नागरिक पर हमला, कपड़े फाड़ने के बाद जमकर पीटा, नस्लवाद विवाद शुरू
Courtesy: Social Media

आयरलैंड से हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है. यहां पर बीते  शनिवार (19 जुलाई) को डबलिन के टालाघट क्षेत्र में एक 40 वर्षीय भारतीय नागरिक पर एक ग्रुप द्वारा हिंसक हमला किया गया और उसके कपड़े फाड़ दिए गए. इस हमले में घायल शख्स के चेहरे, हाथों और पैरों पर गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे टालाघट यूनिवर्सिटी अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती किया गया. आयरलैंड की राष्ट्रीय पुलिस (गार्डा) ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है.

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, गार्डाई को शाम करीब 6 बजे पार्कहिल रोड, टालाघट में इस घटना की सूचना मिली. पीड़ित की तस्वीरों में उसे गंभीर रूप से खून बहता हुआ देखा गया, जिससे हमले की क्रूरता का अंदाजा लगता है. आयरिश टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, इस हमले को संभावित नस्लीय अपराध के रूप में जांचा जा रहा है. हमलावरों ने कथित तौर पर पीड़ित पर बच्चों के साथ अनुचित व्यवहार का झूठा आरोप लगाया था, लेकिन गार्डाई ने इन आरोपों को निराधार बताया.

भारतीय दूतावास का कड़ा रुख

भारत के आयरलैंड में राजदूत अखिलेश मिश्रा ने इस घटना की निंदा करते हुए एक्स पर लिखा, "कथित हमले से इतनी भयानक चोट और खून कैसे हो सकता है?" उन्होंने आयरिश लोगों और गार्डा को पीड़ित के प्रति सहानुभूति और समर्थन के लिए धन्यवाद दिया और दोषियों को न्याय के कटघरे में लाने की मांग की.

स्थानीय नेताओं की प्रतिक्रिया

टालाघट साउथ के फाइन गेल काउंसलर बेबी पेरेपडन ने पीड़ित से मुलाकात की और कहा, "वह सदमे में है. वह ज्यादा बोल नहीं पा रहा था क्योंकि वह केवल तीन सप्ताह पहले आयरलैंड आया था. वह अभी किसी से मिलना नहीं चाहता." उन्होंने क्षेत्र में गार्डाई की उपस्थिति बढ़ाने की मांग की, क्योंकि ऐसी घटनाएं टालाघट में बार-बार हो रही हैं.

डबलिन साउथ-वेस्ट के सिन फेन टीडी सीन क्रो ने इस हमले को "हिंसक और नस्लीय" करार दिया और कहा, "यह घृणित और पूरी तरह अस्वीकार्य है. जो लोग सोचते हैं कि इस तरह की नस्लीय हिंसा उनके समुदाय को सुरक्षित बनाती है, वे झूठ बोल रहे हैं और किसी को मूर्ख नहीं बना रहे.

"नस्लीय अफवाहों पर जताई चिंता

पॉल मर्फी, क्षेत्र के पीपल बिफोर प्रॉफिट टीडी, ने हमले की निंदा करते हुए कहा, "जिम्मेदारी न केवल हिंसा करने वालों की है, बल्कि उन लोगों की भी है जो नस्लीय झूठ फैला रहे हैं. समुदाय इस हिंसा, नफरत और विभाजन के खिलाफ एकजुट होकर खड़ा होगा."न्याय मंत्री जिम ओ'कैलाघन ने कहा, "विदेशी नागरिकों पर अपराध के झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं. मैंने आंकड़े मांगे हैं, और जेल में बंद अपराधियों में आप्रवासियों का प्रतिशत समाज में उनकी आबादी से कम है." उन्होंने आगे कहा, "यह सुझाव कि आप्रवासी अधिक अपराध करते हैं, बिल्कुल निराधार है.

"भारतीय आप्रवासियों का योगदान

पेरेपडन ने बताया कि आयरलैंड में आने वाले कई भारतीय लोग वर्क परमिट पर स्वास्थ्य सेवा और आईटी जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण कौशल प्रदान करते हैं. इस हमले ने न केवल पीड़ित, बल्कि पूरे समुदाय को झकझोर दिया है.