इटली में एक भारतीय मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई है. हैरान और परेशान करने वाली बात यह है कि जब खेत में काम करने के दौरान एक हादसे में उस मजदूर का हाथ कट गया तो उसका इलाज करवाने के बजाय घायल मजदूर के खेत मालिक ने उसे कूड़े की तरह सड़क पर फेंक दिया.
दरअसल पंजाब के मोगा जिले के 31 वर्षीय खेतिहर मजदूर सतनाम सिंह रोम के दक्षिण में लैटिना के एक खेत में काम करते समय घायल हो गए थे, वो दर्द से छटपटा रहे थे लेकिन किसी ने उनकी मदद नहीं की और जब खेत मालिक के पास गए तो उसने उन्हें सड़क पर तड़पने के लिए छोड़ दिया. जहां सतनाम की दर्दनाक मौत हो गई.
इस घटना के बाद से सतनाम का पूरा परिवार सदमे और गुस्से में है. वे अपने बेटे के पार्थिव शरीर और न्याय मिलने का इंतजार कर रहे हैं. मोगा में एक छोटे से पक्के मकान में रहने वाले इस गरीब परिवार में सतनाम के बुजुर्ग माता-पिता गुरमुख सिंह और जसबीर कौर, बड़े भाई अमृतपाल सिंह और बहन रहती हैं. मृतक सतनाम के परिवार ने कहा कि उन्हें इटली में रहने वाले भारत के संगठन और व्यक्तियों के बहुत सारे फोन और मैसेज आ रहे हैं, हर कोई न्याय मिलने की उम्मीद दे रहे हैं, लेकिन न तो इटली और न ही भारत सरकार ने उनसे कोई संपर्क किया है.
सतनाम के पिता बताते हैं कि, 'करीब चार साल पहले, हमने ट्रैवल एजेंट के माध्यम से सतनाम को इटली भेजने के लिए लोन लिया था और रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए थे. ट्रैवल एजेंसी ने पुरुषों और महिलाओं दोनों को एक ग्रुप में भेजा था. वहां सतनाम एक सब्जी के खेत में काम कर रहा था, लेकिन जहां वो काम करता था हमें उस शहर का नाम नहीं पता है. हमें उम्मीद थी कि चूंकि उसने चार साल बिताए हैं, इसलिए वह जल्द ही पूर्ण निवासी का दर्जा पाने के लिए कागजी कार्रवाई पूरी कर लेगा लेकिन अब वही नहीं रहा'.
वहीं मृतक के भाई अमृतपाल ने कहा, 'मैं अपने भाई के शव को वापस लाने की व्यवस्था कर रहा हूं. इटली के कई समूहों के संपर्क में भी हूं, जो सरकारी अधिकारियों से बात कर रहे हैं. इतना ही नहीं वे लोग वहां विरोध प्रदर्शन की योजना भी बना रहे हैं'.
आगे अमृतपाल ने बताया कि 'हमें जानकारी मिली कि सतनाम के खेत मालिक ने उसके साथ अच्छा व्यवहार नहीं किया था. उसके पैर में भी फ्रैक्चर हुआ था. हम चाहते हैं कि हमारे माता पिता को इटली ले जाया जाए ताकि वे उस स्थान को देख सकें जहां सतनाम को फेंका गया था और उसके उस मालिक से भी मिले जिसने ऐसा बर्ताव किया है'.
सतनाम की मां जसबीर कौर ने कहा कि उन्होंने आखिर बार 16 जून को उससे बात की थी और उसके बाद से उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया है. उन्होंने कहा कि हमें 17 जून को बताया गया कि उसके चोट लगी है और 19 जून को सूचना आती है कि उसकी मौत हो गई है.
बता दें कि मजदूर की दर्दनाक मौत का मामला इटली की संसद में उठा है. इटली की श्रम मंत्री मरीना कोल्डेरोन ने संसद में बताया, 'लैटिना के ग्रामीण इलाकों में एक गंभीर दुर्घटना का शिकार हुए भारतीय कृषि श्रमिक की मौत हो गई है और उन्हें बहुत गंभीर परिस्थितियों में छोड़ दिया गया था. जहां उनकी मौत हो गई है. कोल्डेरोन ने कहा, यह बर्बर कृत्य था, अधिकारी जांच कर रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि जो लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें कार्रवाई की जाए.'
इटली में स्थित भारतीय दूतावास ने इस घटना की निंदा करते हुए सतनाम की मौत पर दुख जताया है. भारतीय दूतावास ने कहा कि वह स्थानीय अफसरों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं और सतनाम के घर पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं. भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया X पर सतनाम की मौक को लेकर जानकारी देते हुए लिखा, 'दूतावास को इटली के लैटिना में एक भारतीय नागरिक की दर्दनाक मौत की जानकारी मिली है. हम स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं. परिवार से संपर्क करने और हर संभव सहायता प्रदान करने की कोशिश जारी है'.
The Embassy is aware of the very unfortunate demise of an Indian national in Latina, Italy. We are in contact with local authorities. Efforts are underway to contact the family and provide consular assistance.@MEAIndia @SecretaryCPVOIA
— India in Italy (@IndiainItaly) June 19, 2024