नई दिल्ली: अमेरिका में रहने वाले अप्रवासियों को सालों से यह सलाह दी जाती रही है कि अगर इमिग्रेशन अधिकारी दरवाजा खटखटाएं तो जज के साइन वाला वारंट देखे बिना दरवाजा न खोलें. अब इस नियम में बदलाव की संभावना नजर आ रही है.
एक नए आंतरिक सरकारी मेमो के अनुसार, अमेरिकी इमिग्रेशन एजेंसी ICE कुछ मामलों में बिना जज के वारंट के भी लोगों के घर में प्रवेश कर सकती है. इस खबर के सामने आते ही अप्रवासी समुदायों में चिंता और डर का माहौल बन गया है.
अब तक सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट गाइडलाइन रही है कि सरकार बिना जज के साइन वाले वारंट के किसी के घर में जबरन प्रवेश नहीं कर सकती. इसी कारण ICE अधिकारी अक्सर लोगों को सड़क, कार्यस्थल या अन्य सार्वजनिक जगहों पर ही हिरासत में लेते थे. अगर कोई व्यक्ति घर के अंदर रहता, तो अधिकारी कई बार घंटों इंतजार करने के बाद लौट जाते थे.
एसोसिएटेड प्रेस को मिले ICE के आंतरिक मेमो में कहा गया है कि जिन लोगों के खिलाफ फाइनल डिपोर्टेशन ऑर्डर जारी हो चुका है, उनके घर में केवल प्रशासनिक वारंट के आधार पर भी प्रवेश किया जा सकता है. हालांकि, कार्रवाई सुबह 6 बजे से रात 10 बजे के बीच ही होगी. अधिकारियों को पहले दरवाजा खटखटाकर अपनी पहचान और आने का कारण बताना होगा. अगर अंदर मौजूद लोग कानूनी तरीके से प्रतिक्रिया नहीं देते, तो बल प्रयोग किया जा सकता है.
इस फैसले की कई नेताओं और कानूनी विशेषज्ञों ने आलोचना की है. डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने इसे हर अमेरिकी के लिए डर पैदा करने वाला कदम बताया और कांग्रेस से इसकी जांच की मांग की है. कानूनी जानकारों का कहना है कि यह नीति चौथे संशोधन की भावना के खिलाफ जाती है, जो नागरिकों को उनके घर में सुरक्षा का अधिकार देता है.
UCLA लॉ स्कूल के प्रोफेसर अहिलान अरुलानन्थम का कहना है कि ऐसे छापों से हिंसा की आशंका बढ़ सकती है. कई राज्यों में ऐसे कानून हैं, जहां लोग अपने घर में घुसने वाले को खतरा समझकर आत्मरक्षा में गोली चला सकते हैं. इसके अलावा ICE के रिकॉर्ड में गलत पते होने की संभावना भी रहती है, जिससे अमेरिकी नागरिकों के घरों में भी छापे पड़ सकते हैं.
अब तक स्कूलों, स्थानीय संगठनों और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को उनके अधिकारों की जानकारी दी जाती रही है. लेकिन नई नीति के बाद यह साफ नहीं है कि पुरानी सलाहें कितनी काम आएंगी. विशेषज्ञों का कहना है कि लोगों को अब और सतर्क रहने की जरूरत है, क्योंकि यह बदलाव उनके घर की सुरक्षा को सीधे प्रभावित करता है.