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Russia-Ukraine war: ड्रोन और वीडियो गेम टेक्नॉलॉजी ने कैसे मिलकर बदल दिया रूस यूक्रेन का युद्ध?

यूक्रेन-रूस युद्ध के बीच यूक्रेन ने सैन्य नवाचार में एक नई मिसाल कायम की है. ड्रोन ऑपरेटरों को वीडियो गेम जैसी रिवॉर्ड प्रणाली के ज़रिए प्रेरित किया जा रहा है, जिससे युद्धक्षेत्र में उनकी दक्षता बढ़ रही है. अब तो सैनिक यूनिट दुश्मन के टैंकों और वाहनों को नष्ट करके अंक अर्जित करती हैं, जिनसे वे जरूरी सैन्य उपकरण खरीद सकती हैं.

Kuldeep Sharma
Edited By: Kuldeep Sharma
Russia-Ukraine war: ड्रोन और वीडियो गेम टेक्नॉलॉजी ने कैसे मिलकर बदल दिया रूस यूक्रेन का युद्ध?
Courtesy: web

यूक्रेन और रूस के बीच जारी युद्ध अब सिर्फ हथियारों और गोलियों तक सीमित नहीं रहा. तकनीक ने इस संघर्ष को बिल्कुल नया मोड़ दे दिया है. खासकर ड्रोन तकनीक और वीडियो गेम की रणनीतियों ने यूक्रेन की सेना को और भी सटीक, सक्रिय और प्रभावशाली बना दिया है. इस लड़ाई में यूक्रेन के सैनिकों को न केवल दुश्मन को हराने की जिम्मेदारी दी गई है, बल्कि उन्हें इसके लिए अंक और इनाम भी दिए जा रहे हैं. बिलकुल एक वीडियो गेम की तरह

यूक्रेन की सेना ने ड्रोन ऑपरेटरों के प्रदर्शन को मापने और उन्हें पुरस्कृत करने के लिए एक ‘स्कोरिंग सिस्टम’ लागू किया है. उदाहरण के तौर पर, अगर कोई ऑपरेटर रूस के सबसे उन्नत T-90M टैंक को तबाह करता है, तो उसे इतने अंक मिलते हैं कि उसकी यूनिट को 15 नए ड्रोन देने की पात्रता मिल जाती है. इसका सीधा फायदा यह होता है कि जो सैनिक ज्यादा प्रभावशाली हैं, उन्हें और बेहतर संसाधन मिलते हैं. यह प्रणाली न केवल सैनिकों में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देती है, बल्कि दक्षता में भी इजाफा करती है.

"मिलिट्री के लिए अमेजन" जैसी योजना

यूक्रेन के डिजिटल परिवर्तन मंत्री मिखाइलो फेडोरोव ने इस पहल को “मिलिट्री के लिए अमेजन” की संज्ञा दी है. इसका मतलब है कि सैनिक यूनिटें अब अर्जित अंकों के आधार पर आवश्यक सैन्य उपकरण ऑनलाइन ऑर्डर कर सकती हैं. यह एक तरह की डिजिटल मार्केटप्लेस है, जहां यूनिटें युद्ध में अपनी कामयाबी के आधार पर जरूरत के सामान खुद चुन सकती हैं. इस नई प्रणाली से न केवल वितरण प्रक्रिया तेज हुई है, बल्कि यूनिटों की जरूरत के अनुसार व्यक्तिगत समाधान भी उपलब्ध हो रहे हैं.

तकनीक ने बदली युद्ध की परिभाषा

इस तरह की प्रणाली ने पारंपरिक युद्ध शैली को पूरी तरह से बदल दिया है. अब युद्ध केवल बंदूकों और तोपों की लड़ाई नहीं रही, बल्कि यह डेटा, स्कोर और रणनीतिक तकनीक का खेल बनता जा रहा है. यूक्रेन ने यह दिखा दिया है कि कैसे सीमित संसाधनों के बावजूद तकनीक के सही इस्तेमाल से एक बड़ी सैन्य शक्ति का मुकाबला किया जा सकता है. इस बदलाव ने न केवल सैन्य क्षमताओं को मजबूत किया है, बल्कि सैनिकों के मनोबल और उत्साह को भी नई ऊंचाई दी हैं.