यमन के हूती सैन्य गुट ने इज़राइल के बेन गुरियन हवाई अड्डे पर हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल से हमला करने का दावा किया है. यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब गाज़ा पट्टी में इज़राइली सैन्य अभियान और मानवीय संकट पर अंतरराष्ट्रीय चिंता बढ़ रही है. हूती प्रवक्ता याह्या सरीआ ने इसे फिलिस्तीनियों के साथ एकजुटता की कार्रवाई बताया है.
हूती गुट द्वारा यह तीसरी बार है जब बेन गुरियन एयरपोर्ट को निशाना बनाया गया है. इससे पहले 10 जुलाई और 19 जुलाई को भी इसी प्रकार के मिसाइल हमलों का दावा किया गया था, जिन्हें इज़राइली सेना ने हवा में ही नष्ट करने की बात कही थी. हूती प्रवक्ता ने कहा कि इन सभी हमलों का उद्देश्य गाज़ा के पीड़ितों के साथ खड़ा होना है.
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरीआ ने बताया कि इस बार हमला हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल से किया गया, जो बेहद तेज रफ्तार और सटीक निशाने की क्षमता रखती है. उनका कहना है कि यह हमला पूरी तरह सफल रहा और भविष्य में भी ऐसे हमले जारी रहेंगे. हालांकि, इज़राइली सुरक्षा बलों का दावा है कि मिसाइल को बीच में ही इंटरसेप्ट कर लिया गया था.
याह्या सरीआ ने यह भी दोहराया कि जब तक गाज़ा में इज़राइली सैन्य कार्रवाई और नाकाबंदी समाप्त नहीं होती, तब तक हूती गुट अपने हमले जारी रखेगा. उन्होंने अरब और मुस्लिम देशों से अपील की कि वे फिलिस्तीनियों की मदद के लिए आगे आएं, भोजन भेजें और इज़राइल की नाकाबंदी तोड़ें. उनका कहना है कि यह एक नैतिक कर्तव्य है.
हूती प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि वे सिर्फ इज़राइली ठिकानों तक ही सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि रेड सी में इज़राइल से जुड़े जहाजों को भी निशाना बनाएंगे. यह हमला उनके मुताबिक गाज़ा में हो रही सैन्य कार्रवाइयों का सीधा जवाब है. हूती गुट इस संघर्ष को फिलिस्तीन के लोगों के पक्ष में अपनी भूमिका के रूप में देखता है और इसे रुकने का कोई संकेत नहीं दे रहा.