नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने अहम एशिया दौरे के लिए रवाना हो चुके हैं और इस यात्रा के एजेंडे में अब एक नया मुद्दा जुड़ गया है, हांगकांग के प्रमुख लोकतंत्र समर्थक मीडिया उद्योगपति जिमी लाई का भविष्य. मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप ने कहा है कि वे इस सप्ताह के अंत में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान जिमी लाई का मामला उठाएंगे. यह कदम ऐसे समय में आया है जब फ्लोरिडा के सीनेटर रिक स्कॉट के नेतृत्व में 30 से अधिक अमेरिकी सांसदों ने ट्रंप से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील की है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने पांच दिवसीय एशिया दौरे पर रवाना होने से पहले संवाददाताओं से कहा कि 'रिक स्कॉट और अन्य जिन्होंने मुझसे इस मामले पर बात की है, उनके लिए मेरे मन में बहुत सम्मान है. यह मुद्दा मेरी सूची में शामिल है और मैं इस पर बात ज़रूर करूंगा.'
हांगकांग के लोकतंत्र समर्थक आंदोलन का प्रतीक बन चुके जिमी लाई की कहानी 1950 के दशक में चीन से पलायन करने वाले एक गरीब बच्चे से शुरू होती है. उन्होंने परिधान व्यवसाय से सफलता हासिल की और बाद में ‘एप्पल डेली’ नामक अख़बार की स्थापना की, जो बीजिंग के बढ़ते प्रभाव का मुखर आलोचक बन गया.
2014 के ‘अम्ब्रेला मूवमेंट’ और 2019 के लोकतंत्र समर्थक प्रदर्शनों में लाई के समर्थन ने उन्हें चीन-विरोधी आवाज़ों में सबसे प्रमुख बना दिया. यही वजह है कि 2020 में चीन के व्यापक राष्ट्रीय सुरक्षा कानून लागू होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. लाई पर विदेशी ताकतों के साथ साजिश रचने और राजद्रोह के आरोप लगे हैं. यदि दोषी पाए गए, तो वे जीवन भर जेल में रह सकते हैं.
हांगकांग के अधिकारियों ने इन आरोपों को कानूनसम्मत बताया है, लेकिन पश्चिमी देशों, संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों और मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि यह मुकदमा राजनीति से प्रेरित है.
जॉर्जटाउन यूनिवर्सिटी के एशियन लॉ सेंटर के शोधकर्ता एरिक यान-हो लाई के मुताबिक 'जिमी लाई को बार-बार छोटी सज़ाओं के ज़रिए मुकदमे से पहले ही सलाखों के पीछे रखा गया है. यह पूरी प्रक्रिया अनियमितताओं से भरी है.' लाई को उनके पसंदीदा ब्रिटिश वकील टिमोथी ओवेन की कानूनी सहायता से भी वंचित कर दिया गया है, क्योंकि बीजिंग ने इसे राष्ट्रीय सुरक्षा जोखिम बताया.
ट्रंप और शी जिनपिंग की मुलाकात में जिमी लाई का मामला एक संवेदनशील मुद्दा होगा. बीजिंग ने पहले ही वाशिंगटन को चेतावनी दी है कि वह चीन के आंतरिक मामलों में दखल न दे.
हालांकि ट्रंप प्रशासन इसे मानवाधिकार और प्रेस स्वतंत्रता के समर्थन का अवसर मानता है. वहीं, बीजिंग के लिए यह संप्रभुता और नियंत्रण का प्रश्न है और इस पर किसी बाहरी दबाव को स्वीकार करना उसके लिए कठिन होगा.
इससे पहले अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीनी उप-प्रधानमंत्री हे लिफेंग ने मलेशिया में मुलाकात कर इस शिखर सम्मेलन का एजेंडा तय किया.
77 वर्ष के जिमी लाई की तबीयत लगातार बिगड़ रही है. उनका मुकदमा लंबा खिंच रहा है और उनकी रिहाई की उम्मीद धुंधली होती जा रही है. कई विश्लेषकों के लिए उनका संघर्ष केवल व्यक्तिगत नहीं, बल्कि हांगकांग की घटती स्वायत्तता का प्रतीक बन चुका है. एक ऐसा मुकदमा जो पूरी दुनिया के लिए लोकतंत्र की परीक्षा जैसा बन गया है.