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वो भूतिया जहाज जिसके नाम से कांप उठते हैं मछुआरे, अगर रात में दिखा तो पक्की है मौत

Haunted ship of Carroll A Deering: कैरोल ए डियरिंग का रहस्य आज भी अनसुलझा है. क्या यह समुद्री लुटेरों का शिकार हुआ था? या फिर किसी अज्ञात भयावहता ने चालक दल को निगल लिया था? या शायद, यह जहाज सचमुच भटकती आत्माओं का वाहन बन गया है, जो हमेशा के लिए समुद्र की अथाह गहराईयों में खोए हुए हैं? यह सवाल है जो आज भी रात के अंधेरे में समुद्र के किनारे गूंजता रहता है.

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Haunted ship of Carroll A Deering
Courtesy: AI Generated Image

Haunted ship of Carroll A Deering: अटलांटिक महासागर का सीना चीरती हुई एक विशाल पाँच मस्तूलों वाली नौका (five-masted yacht), कैरोल ए डियरिंग, हमेशा के लिए भटकने के अभिशाप से ग्रस्त थी. 1921 की बात है, यह जहाज ब्राजील से कोयले का लदान लेकर वापस आ रहा था. अचानक, उत्तरी कैरोलिना के तट पर हीरों की तरह चमकते डायमंड शोल्स में फंस गया. कोस्टगार्ड टीम दूर से देख सकते थे कि कैरोल ए डियरिंग पूरी तरह से सज-धज कर तैयार थी, पाल तने हुए थे, लेकिन उस पर कोई आत्मा नहीं थी.

कैसे भूतहा जहाज बना कैरोल ए डियरिंग

जब वे जहाज पर चढ़े, तो एक अजीब खामोशी ने उन्हें जकड़ लिया. रसोई में आधा पका हुआ सूप बर्तन में उबल रहा था, मानो किसी ने जल्दबाजी में खाना छोड़ दिया हो. कप्तान का केबिन तहस-नहस था, मानो किसी आंधी ने उसे अपना गुस्सा निकालने का मैदान बना लिया हो. दराज खुले पड़े थे, कागजात बिखरे हुए थे, और कप्तान की कीमती दूरबीन गायब थी. सबसे भयानक बात, नाविकों के लिए ज़रूरी सभी उपकरण, लॉगबुक और यहां तक कि जीवनरक्षक नौकाएं भी गायब थीं.

कैरोल ए डियरिंग एक भूतहा जहाज बन गया, जिसने किंवदंतियों और कहानियों को जन्म दिया. अफवाहों का बाजार गर्म हो गया. कुछ का मानना था कि जहाज को समुद्री लुटेरों ने लूट लिया था, जिन्होंने चालक दल को मार डाला और सबूत मिटा दिए. दूसरों का कहना था कि जहाज पर एक हिंसक विद्रोह हुआ था, जिसमें पागल हुए जहाजियों ने अपने ही कप्तान और साथियों को खत्म कर दिया था और फिर खुद को बचाने के लिए जहाज से कूद पड़े.

अक्सर तूफानी रातों में मछुआरों को आता है नजर

लेकिन सबसे ज्यादा खौफनाक अफवाह ये थी कि जहाज को भूतों ने अपना घर बना लिया है. कैरोल ए डियरिंग को अक्सर तूफानी रातों में देखा जाता था, उसके मस्तूलों पर अजीब सी चमकती हुई रोशनी नाचती थी, मानो भूतों का जुलूस हो. हवा में कभी-कभी हताश चीखें गूंजती थीं, मानो खोए हुए आत्माएं रास्ते की तलाश में हों.

एक रात, केप हेटेरस के पास रहने वाले एक युवा मछुआरे, एज्रा, चमकती हुई रोशनी को देखने का दावा करता है. उसने अपनी नाव को डायमंड शोल्स की ओर चलाया, जिज्ञासा और भय से जूझते हुए. करीब आने पर, उसने देखा कि कैरोल ए डियरिंग शांत समुद्र में खड़ा है, मानो किसी अदृश्य शक्ति से बंधा हुआ हो. अचानक, जहाज के एक टूटे हुए रोशनदान से एक भयानक आकृति झाँकी. यह एक नाविक की लाश थी, उसकी आँखें खोखली और चेहरा मृत्यु की पीड़ा से भरा था. एज्रा चीख उठा और अपनी नाव को घुमाकर वहां से भाग गया. वह कभी वापस नहीं लौटा, और कुछ लोगों का मानना है कि भूतों ने उसे भी अपने साथ ले लिया.

तो इस वजह से श्रापित था ये जहाज

कहानियां सालों तक चलती रहीं. मछुआरों की रातों की नींद हराम करती थीं ये कहानियां. कैरोल ए डियरिंग कभी-कभी दिखाई देता था, कभी गायब हो जाता था, मानो समुद्र के साथ एक भयानक खेल खेल रहा हो. एक बूढ़े जहाज बनाने वाले की कहानी थी, जिसने दावा किया था कि जहाज को बनाने में इस्तेमाल की गई लकड़ी श्रापित थी. उसने कहा कि जहाज को बनाने में जल्दबाजी की गई थी और समुद्र के देवताओं को खुश करने के लिए कोई अनुष्ठान नहीं किया गया था. इस वजह से समुद्र के राक्षस कैरोल ए डियरिंग को अपना शिकार बना लेते थे.

सालों बाद, आधुनिक तकनीक से लैस खोजकर्ताओं ने जहाज के मलबे का पता लगाया. अत्याधुनिक उपकरणों से भी जहाज का रहस्य उजागर नहीं हो सका. जहाज के अंदर का वातावरण वैसा ही था जैसा 1921 में छोड़ा गया था. आधा खाया हुआ सूप, खुले दराज और गायब हुए उपकरण - सब कुछ रहस्य की परतों को और गहरा करता था.

जब खोज में निकला एक बहादुर गोताखोर

एक बहादुर गोताखोर, अन्ना, जहाज के अंदर जाने का फैसला करती है. अंधेरे और खामोशी के बीच कैमरे की रोशनी टिमटिमाती है. अचानक, अन्ना को लगता है कि कोई उसे देख रहा है. वह कैमरे को इधर-उधर घुमाती है, लेकिन कुछ नहीं दिखता. गहरे पानी के दबाव से उसका सांस लेना तेज हो जाता है. वह जल्दी से आगे बढ़ती है, कप्तान के केबिन तक पहुंचती है. केबिन उतना ही तहस-नहस था, जितना खोजकर्ताओं ने ऊपर से देखा था.

अचानक, अन्ना को एक फुसफुसाहट सुनाई देती है. यह इतना कमजोर है कि वह मुश्किल से ही समझ पाती है. वह अपना कैमरा घुमाती है और एक भयानक चीख निकालती है. कप्तान की मेज के नीचे, एक कोने में, एक कंकाल बैठा हुआ है. उसकी खोखली आंखें अन्ना को घूर रही हैं, मानो उससे जहाज का रहस्य उजागर करने की गुहार लगा रहा हो.

अन्ना घबराकर पीछे हटती है, उसके हेलमेट के अंदर से चीखें निकल रही हैं. वह जहाज से बाहर निकलने के लिए दौड़ती है, लेकिन यह बहुत देर हो चुकी होती है. अचानक, जहाज के अंदर से एक ठंडी हवा का झोंका आता है और अन्ना का सारा संचार उपकरण ठप हो जाता है. कैमरे की रोशनी बुझ जाती है और अन्ना कैरोल ए डियरिंग के अंधेरे में, खो चुके चालक दल में शामिल हो जाती है.

आज भी डराती है कैरोल ए डियरिंग की कहानी

कोस्टगार्ड टीम और खोजी दल आते रहे और जाते रहे, लेकिन कैरोल ए डियरिंग के रहस्य को कभी सुलझाया नहीं जा सका. एक जहाज जो पूरी तरह से सज-धज कर तैयार था, लेकिन उस पर कोई आत्मा नहीं थी - यह एक ऐसी पहेली थी जिसे कोई हल नहीं कर सका. सालों बाद भी, समुद्र में अकेले निकलने वाले मछुआरे डर के साए में जीते थे. अफवाहें अभी भी हवा में बनी हुई थीं, और कुछ रातों में, जब कोहरा घना होता था और हवा ठंडी होती थी, तो वे कसम खाते थे कि उन्होंने कैरोल ए डियरिंग को देखा था, उसके मस्तूलों पर भयानक हरी बत्ती जल रही थी, मानो भटकती हुई आत्माओं का रास्ता रोशन कर रही हो.

कहते हैं कि अगर कभी आप उत्तरी कैरोलिना के तट पर होते हैं और तूफानी रात में एक अकेले जहाज को देखते हैं, तो उसकी ओर जाने की हिम्मत मत कीजिए. वह कैरोल ए डियरिंग हो सकता है, भूतों से भरा हुआ, हमेशा के लिए खोए हुए चालक दल की आत्माओं को कैद किए हुए. बेहतर होगा कि आप मुँह फेर लें और प्रार्थना करें कि भटकती हुई आत्माएं आपको न देखें, कहीं ऐसा न हो कि आप भी कैरोल ए डियरिंग के भयानक भाग्य में शामिल हो जाएं.