Iran Israel War: ईरान पर US-इजराइल युद्ध के बढ़ने के साथ, हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट की तेल और गैस जगहों पर हमले बढ़ गए हैं. बुधवार को ओमान के सलालाह पोर्ट पर ड्रोन हमले में तेल स्टोरेज की जगहें प्रभावित हुईं. ओमान के सलालाह पोर्ट पर ईरानी ड्रोन्स से भयंकर हमला किया. इसका वीडियो सोशल मीडियो पर जमकर वायरल हो रहा है.
JUST IN: 🇴🇲🇮🇷 Footage shows massive fire after Iranian drones struck Oman's largest oil storage facilities at the Port of Salalah. pic.twitter.com/MTi1keCevO
— BRICS News (@BRICSinfo) March 11, 2026
कई ड्रोन्स को हवा में मार गिराया
सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सलालाह पोर्ट को तुरंत खाली करा लिया गया. ओमानी राज्य मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सुरक्षाबलों ने कई ड्रोन्स को हवा में ही मार गिराया, लेकिन कुछ ड्रोन ईंधन टैंकों तक पहुंचने में सफल रहे. राहत की बात यह है कि इस घटना में अब तक किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है, हालांकि पोर्ट के दक्षिणी हिस्से में कामकाज को अस्थायी तौर पर रोक दिया गया है.
ईरान का धुआंदार जवाब
ओमान के दक्षिण-पूर्वी सिरे पर स्थित सलालाह एक बेहद महत्वपूर्ण कंटेनर ट्रांसशिपमेंट हब है, जिसकी क्षमता पिछले साल ही बढ़ाई गई थी. यह बंदरगाह हॉर्मुज स्ट्रेट को बायपास करने वाले एक अहम ट्रेड रूट पर स्थित है. अंतरराष्ट्रीय मामलों के जानकारों का मानना है कि यह हमला अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के जवाब का हिस्सा हो सकता है, जिसके तहत ईरान अब खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर को अपना लक्ष्य बना रहा है.
ईरानी राष्ट्रपति को ओमान के सुल्ता ने किया फोन
इस घटनाक्रम के बाद कूटनीतिक स्तर पर भी बातचीत हुई है. ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक अल-सईद ने ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन से फोन पर संपर्क किया और ओमानी क्षेत्र में हुए इन हमलों पर अपनी नाराजगी और निंदा व्यक्त की. सुल्तान ने स्पष्ट किया कि ओमान इस पूरे विवाद में तटस्थ है, लेकिन अपनी सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने के लिए वह सभी जरूरी कदम उठाएगा. फिलहाल, ओमानी अधिकारियों ने सुरक्षा उपाय काफी बढ़ा दिए हैं और आग बुझाने के प्रयास लगातार जारी हैं.