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चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5 को लेकर आई Good Newz, इसरो ने तैयार किया बड़ा प्लान

वी नारायणन ने बताया कि चंद्रयान-4 का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह से सैंपल इकट्ठा करना और उन्हें सुरक्षित धरती पर लाना है. इस तरह का मिशन तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है.

Anuj
Edited By: Anuj
चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5 को लेकर आई Good Newz, इसरो ने तैयार किया बड़ा प्लान
Courtesy: Chat GPT

नई दिल्ली: भारत के आने वाले चंद्र मिशन को लेकर नई जानकारी सामने आई है. इसरो के अध्यक्ष वी नारायणन ने बताया कि देश चंद्रयान-4 और चंद्रयान-5 पर काम कर रहा है. इन मिशनों के जरिए भारत चंद्र अनुसंधान को अगले स्तर तक ले जाना चाहता है.

उन्होंने कहा कि चंद्रयान-4 के तहत चांद से नमूने इकट्ठा कर उन्हें पृथ्वी पर वापस लाने की योजना है, जबकि चंद्रयान-5 में ज्यादा वजन वाला लेंडर और लंबी अवधि तक काम करने वाला सिस्टम तैयार किया जाएगा.

वी नारायणन ने क्या बताया?

वी नारायणन ने बताया कि चंद्रयान-4 का मुख्य उद्देश्य चंद्रमा की सतह से सैंपल इकट्ठा करना और उन्हें सुरक्षित धरती पर लाना है. इस तरह का मिशन तकनीकी रूप से काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है. इसरो इस दिशा में नई तकनीकों पर काम कर रहा है ताकि चंद्रमा की मिट्टी और चट्टानों का अध्ययन धरती पर वैज्ञानिक तरीके से किया जा सके.

100 दिन तक बढ़ाने की योजना

इसरो प्रमुख के अनुसार, चंद्रयान-5 मिशन में पहले की तुलना में अधिक शक्तिशाली लेंडर और बड़ा रोवर भेजा जाएगा. उन्होंने बताया कि चंद्रयान-3 के लेंडर की मिशन लाइफ लगभग 14 दिन थी, लेकिन आने वाले मिशनों में इसे करीब 100 दिन तक बढ़ाने की योजना है. और साथ ही रोवर का वजन भी काफी ज्यादा होगा. जहां चंद्रयान-3 का रोवर करीब 25 किलोग्राम का था, वहीं नए मिशन में लगभग 350 किलोग्राम का रोवर भेजा जा सकता है.

मंगल और शुक्र मिशन पर भी काम

इसरो केवल चंद्र मिशनों तक सीमित नहीं है. वी नारायणन ने बताया कि एजेंसी भविष्य में शुक्र ग्रह के अध्ययन के लिए वीनस ऑर्बिटर मिशन पर भी काम कर रही है. इसके अलावा भारत एक नए मार्स लैंडिंग मिशन की योजना भी बना रहा है. इससे पहले भारत का मार्स ऑर्बिटर मिशन सफलतापूर्वक पूरा हो चुका है.

'भारतीय यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना लक्ष्य'

इसरो प्रमुख ने कहा कि भारत मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान पर भी तेजी से काम कर रहा है. इसका लक्ष्य भारतीय अंतरिक्ष यात्रियों को अंतरिक्ष में भेजना और उन्हें सुरक्षित वापस लाना है. उम्मीद है कि अगले दो वर्षों में इस दिशा में बड़ी प्रगति देखने को मिल सकती है. इसके साथ ही भारत 2035 तक अपना स्पेस स्टेशन बनाने की योजना भी बना रहा है.

'चंद्रयान-3 की सफलता से आत्मविश्वास मिला'

नारायणन ने कहा कि भारत भविष्य में चंद्रमा पर इंसानों को भेजने की दिशा में भी काम कर रहा है. लक्ष्य यह है कि वर्ष 2040 तक भारतीय अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा पर उतरें और सुरक्षित वापस लौटे. उन्होंने बताया कि इस दिशा में शुरुआती तैयारियां और विचार-विमर्श पहले ही शुरू हो चुके हैं.चंद्रयान-3 की सफलता से मिला आत्मविश्वास

भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि

इसरो प्रमुख ने याद दिलाया कि साल 2023 में चंद्रयान-3 मिशन की सफलता भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि थी. इस मिशन के जरिए भारत चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला दुनिया का पहला देश बना. उन्होंने कहा कि पिछले चंद्र मिशनों से कई अहम वैज्ञानिक खोजें हुई हैं और भारत का अंतरिक्ष कार्यक्रम लगातार आगे बढ़ रहा है.