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'52 डिग्री की तपती धूप, न बस न कार, मीलों चले पैदल, बेहोश लोग...' हज यात्रियों का मक्का में हाल बेहाल!

Haj Pilgrims Miserable State: हाल ही में सम्पन्न हुई हज यात्रा खुशियों और ईश्वर के प्रति समर्पण का प्रतीक तो बनी ही, लेकिन इस दौरान सऊदी अरब में अत्यधिक गर्मी ने तीर्थयात्रियों की परीक्षा भी ली. मक्का में तापमान 52 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जिससे ना सिर्फ श्रद्धालुओं को असहनीय गर्मी का सामना करना पड़ा बल्कि कईयों को स्वास्थ्य संबंधी गंभीर समस्याएं भी झेलनी पड़ीं. दुखद है कि इस भीषण गर्मी के कारण कुछ मृत्यु की खबरें भी आईं.

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'52 डिग्री की तपती धूप, न बस न कार, मीलों चले पैदल, बेहोश लोग...' हज यात्रियों का मक्का में हाल बेहाल!
Courtesy: IDL

Haj Pilgrims Miserable State: हाल ही में संपन्न हुए हज यात्रा में इस साल मक्का में शामिल हुए 18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं को अत्यधिक गर्मी और परिवहन व्यवस्था में लापरवाही का सामना करना पड़ा. तेलंगाना से लौटे हाजी यात्रियों ने वहां के अनुभवों को साझा किया है.

40 किमी से ज्यादा चलना पड़ा पैदल

हैदराबाद के रहने वाले मोहम्मद फरीद ने बताया कि तेज धूप और 52 डिग्री सेल्सियस तापमान में बसों की कमी के कारण उन्हें मना से अराफात तक 40 किलोमीटर से अधिक पैदल चलना पड़ा. उन्होंने बताया कि कई यात्रियों के पैरों में छाले पड़ गए, उन्हें तेज बुखार चढ़ गया और कुछ तीखी धूप के कारण बेहोश भी हो गए.

फरीद ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी को भी तेज धूप में चलने के कारण बीच रास्ते में बेहोशी हो गई. तेलंगाना से हज यात्रा में शामिल हुए 300 से अधिक श्रद्धालु इस सप्ताहांत में वापस भारत आने के लिए अपनी उड़ानों का इंतजार कर रहे हैं.

बस के लिए करना पड़ा 8-10 घंटे इंतजार

तेलंगाना के कई अन्य यात्रियों ने भी बसों के लिए 8 से 10 घंटे तक इंतजार करने की बात कही. एक अन्य यात्री ने बताया कि बसों की कमी के कारण सैकड़ों लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई तो इंतजार के दौरान बेहोश भी हो गए. उन्होंने बताया कि लंबे समय तक भोजन और पानी के बिना पैदल चलने के कारण मधुमेह और रक्तचाप जैसी समस्याओं से ग्रस्त यात्रियों को काफी परेशानी हुई.

तेलंगाना राज्य हज समिति के अधिकारियों ने माना कि पहले दिन सुविधाओं में कमी थी, लेकिन बाद में समस्या का समाधान कर लिया गया.  समिति के सीईओ शैक लियाकत हुसैन ने बताया कि भोजन और आवास को लेकर शुरुआत में दिक्कतें थीं क्योंकि ज्यादातर इमारतों का इस्तेमाल सिर्फ हज के समय ही किया जाता है. उन्होंने बताया कि इन समस्याओं को सुलझाने में करीब 18 घंटे लग गए. इसके अलावा, हज यात्रा करने के लिए कई लोगों को बस में चढ़ने के लिए आठ घंटे से अधिक इंतजार करना पड़ा.

सऊदी सरकार ने नहीं दी किसी भी मौत की जानकारी

अधिकारियों ने बताया कि परिवहन व्यवस्था में समस्या इसलिए पैदा हुई क्योंकि इस बार हज यात्रियों को ले जाने का ठेका हर साल की तरह एक के बजाय दो एजेंसियों को दिया गया था. साथ ही लाखों की संख्या में मौजूद हाजियों के कारण सड़कों पर जाम लगने से भी बसें फंस जाती थीं.

हालांकि सऊदी स्वास्थ्य अधिकारी जमील अबूअलेनैन ने हज के दौरान किसी भी असामान्य मौत की सूचना नहीं दी. हालांकि, केरल के मंत्री अब्दुरहमान ने केंद्र सरकार से हज यात्रियों की समस्याओं के समाधान के लिए हस्तक्षेप करने की मांग की है. उन्होंने बताया कि हज यात्रियों को मक्का में मुअत्तवीफों की लापरवाही और असीसामें रहने की खराब व्यवस्था जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा.