Israel Gaza Attack: गाजा में हाल के हफ्तों में सबसे भारी हवाई और जमीनी हमलों के बीच, इजराइल ने सोमवार को गाजा सिटी के पूर्वी इलाकों सबरा, जैतून और शेजैया में गोलाबारी और हवाई हमले किए. यह हमला प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के उस बयान के कुछ घंटों बाद हुआ, जिसमें उन्होंने गाजा में एक विस्तारित सैन्य अभियान को जल्द पूरा करने की उम्मीद जताई थी.
स्थानीय निवासियों के अनुसार, रातभर टैंक और लड़ाकू विमानों ने घनी आबादी वाले क्षेत्रों पर बमबारी की, जिससे सैकड़ों परिवार अपने घर छोड़कर पश्चिमी इलाकों की ओर भागने को मजबूर हुए. हमास के अनुसार, लगभग 10 लाख विस्थापित लोग अब गाजा सिटी में शरण ले रहे हैं, जिनमें से कई पहले के अभियानों में उत्तरी इलाकों से निकाले गए थे.
इजराइली सेना ने दावा किया कि उसने हमास के लड़ाकों को निशाना बनाया और गाजा सिटी के पूर्व में एक रॉकेट लॉन्च साइट को नष्ट किया. हालांकि, अभी तक जमीनी घुसपैठ नहीं हुई है, लेकिन नेतन्याहू के बयान से संकेत मिलता है कि व्यापक सैन्य कार्रवाई निकट है. उन्होंने रविवार को कहा था कि उन्होंने इजराइल डिफेंस फोर्सेज यानी IDF को युद्ध के नए चरण के लिए तैयारियां तेज करने का आदेश दिया है, जो गाजा सिटी पर केंद्रित होगा. उन्होंने यह भी संकेत दिया कि केंद्रीय गाजा अगला लक्ष्य हो सकता है.
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस हमले को लेकर चिंता बढ़ रही है. जर्मनी ने गाजा में इस्तेमाल होने वाले सैन्य उपकरणों के निर्यात को रोक दिया है, जबकि ब्रिटेन और अन्य यूरोपीय देशों ने इजराइल से संयम बरतने की अपील की है.
इसी बीच अल शिफा अस्पताल परिसर में एक टेंट पर हुए इजराइली हवाई हमले में छह पत्रकार मारे गए. इनमें अल जजीरा के प्रसिद्ध संवाददाता अनस अल शरीफ भी शामिल थे. इजराइल ने दावा किया कि अल शरीफ हमास से जुड़े थे और रॉकेट हमलों में शामिल थे, लेकिन अल जजीरा और उनके परिवार ने इस आरोप को खारिज कर दिया. हमास ने इसे पत्रकारों की हत्या के जरिये बड़े अपराध की तैयारी बताया. हमास-नियंत्रित गाजा सरकार मीडिया कार्यालय का कहना है कि युद्ध शुरू होने के बाद से 238 पत्रकार मारे गए हैं, जबकि ‘कमेटी टू प्रोटेक्ट जर्नलिस्ट्स’ का आंकड़ा 186 है.
यह युद्ध 7 अक्टूबर 2023 को शुरू हुआ, जब हमास-नेतृत्व वाले उग्रवादियों ने इजराइल में घुसपैठ कर 1,200 लोगों की हत्या कर दी और 251 बंधक बना लिए. इजराइल का कहना है कि अभी भी लगभग 50 बंधक गाजा में हैं, जिनमें से सिर्फ 20 के जीवित होने की संभावना है. गाजा के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजराइली सैन्य अभियान में अब तक 61,000 से अधिक फिलिस्तीनी मारे जा चुके हैं. गाजा के अधिकांश हिस्से खंडहर बन चुके हैं और मानवीय संकट गहराता जा रहा है.