जापान में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप, सुनामी एडवाइजरी जारी, कई इलाकों में महसूस हुए तेज झटके

जापान के कुमामोतो क्षेत्र में 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया है. स्थानीय तटीय इलाकों के लिए सुनामी एडवाइजरी जारी की गई है.

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Km Jaya

नई दिल्ली: जापान के दक्षिणी मुख्य द्वीप क्यूशू के कुमामोतो क्षेत्र में मंगलवार शाम 7.1 तीव्रता का शक्तिशाली भूकंप आया. जापान मौसम विज्ञान एजेंसी के अनुसार भूकंप शाम 4 बजकर 29 मिनट पर आया और इसका केंद्र समुद्र की सतह से लगभग 10 किलोमीटर की गहराई में था. भूकंप के बाद स्थानीय तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी एडवाइजरी जारी की गई.

शुरुआती जानकारी के अनुसार भूकंप से किसी बड़े नुकसान या जनहानि की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है. हालांकि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर राहत और बचाव एजेंसियों को अलर्ट पर रखा है. अमेरिकी पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने कहा कि स्थानीय तटीय क्षेत्रों के अलावा कहीं और सुनामी का खतरा नहीं है.


जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने क्या दिया है निर्देश?

भूकंप के बाद जापान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने संबंधित एजेंसियों को नुकसान का तत्काल आकलन करने और राहत कार्यों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं. सरकार ने स्पष्ट किया है कि आपदा प्रबंधन में लोगों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होगी.

जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने कुमामोतो, नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी प्रांतों के लिए आपातकालीन भूकंप चेतावनी भी जारी की है. लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है.

इससे पहले कब आया था भूकंप?

यह एक सप्ताह के भीतर जापान में आया दूसरा बड़ा भूकंप है. इससे पहले 25 जून को उत्तरी जापान में 7.2 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें किसी बड़ी जनहानि की सूचना नहीं मिली थी.

जापान दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित देशों में शामिल है. यह प्रशांत महासागर के रिंग ऑफ फायर क्षेत्र में स्थित है, जहां चार प्रमुख टेक्टोनिक प्लेटें मिलती हैं. इसी कारण यहां हर वर्ष सैकड़ों भूकंप दर्ज किए जाते हैं. हालांकि इनमें से अधिकांश हल्के होते हैं, लेकिन उनकी तीव्रता, गहराई और स्थान के आधार पर नुकसान का स्तर अलग अलग हो सकता है.

विशेषज्ञों का कहना है कि जापान की मजबूत भवन निर्माण तकनीक, आधुनिक चेतावनी प्रणाली और प्रभावी आपदा प्रबंधन व्यवस्था के कारण बड़े भूकंपों के दौरान भी नुकसान को काफी हद तक कम करने में मदद मिलती है. फिर भी अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों से बचने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है.