रिटायरमेंट के बाद नियमित आमदनी की चिंता हर व्यक्ति को होती है, खासकर उन लोगों को जो असंगठित क्षेत्र या निजी नौकरियों में काम करते हैं. इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए सरकार ने अटल पेंशन योजना शुरू की थी. इस योजना में कामकाजी उम्र के दौरान छोटा निवेश कर 60 साल के बाद तय मासिक पेंशन मिलती है. हालांकि, यह योजना जितनी फायदेमंद है, उतनी ही सख्त इसकी पात्रता शर्तें भी हैं.
अटल पेंशन योजना में शामिल होने के लिए उम्र सबसे अहम शर्त है. इस योजना में वही व्यक्ति आवेदन कर सकता है, जिसकी उम्र 18 से 40 साल के बीच हो. सरकार का मानना है कि पेंशन के लिए कम से कम 20 साल का नियमित योगदान जरूरी है. इसलिए जो लोग 18 साल से कम या 40 साल से ज्यादा उम्र के हैं, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाता.
अगर कोई व्यक्ति इनकम टैक्स के दायरे में आता है, तो वह अटल पेंशन योजना के लिए पात्र नहीं माना जाता. यह योजना खास तौर पर कम आय वाले और असंगठित क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए बनाई गई है. ऐसे लोग आमतौर पर टैक्स नहीं भरते और उनके पास कोई अन्य पेंशन सुविधा भी नहीं होती, इसलिए टैक्सपेयर्स को इससे बाहर रखा गया है.
अटल पेंशन योजना पूरी तरह बैंकिंग सिस्टम पर आधारित है. हर महीने की राशि सीधे बैंक खाते से कटती है और पेंशन भी उसी खाते में आती है. इसलिए बैंक खाता और उसका आधार से लिंक होना जरूरी है. इसके अलावा, यह योजना सिर्फ भारतीय नागरिकों के लिए है. भारत के बाहर के नागरिक या एनआरआई इसका लाभ नहीं ले सकते.
इस योजना में 60 साल के बाद 1,000 से 5,000 रुपये तक की मासिक पेंशन के विकल्प मिलते हैं. निवेश की रकम उम्र और चुनी गई पेंशन पर निर्भर करती है. जितनी कम उम्र में योजना से जुड़ाव होता है, उतना ही कम मासिक योगदान देना पड़ता है. जल्दी शुरुआत करने से भविष्य की सुरक्षा सस्ती और मजबूत बनती है.