मंगलवार को संयुक्त अरब अमीरात की सबसे बड़ी रुवैस रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला हुआ. इस ड्रोन हमले के बाद अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी (ADNOC) ने अपनी रुवैस रिफाइनरी को बंद कर दिया है. रिफाइनरी के बंद होने से दुनियाभर में तेल संकट और ज्यादा गहरा सकता है.
ADNOC कंपनी के सूत्रों ने बताया कि एहतियात के तौर पर रुवैस रिफाइनरी में परिचालन को रोक दिया गया है. हालांकि इस हमले में किसी के घायल होने की खबर नहीं है.
एक्स पर सरकार के मीडिया कार्यालय ने लिखा, 'सक्षम अधिकारी एक परिसर में लगी आग से निपट रहे हैं. अभी तक किसी के घायल होने की सूचना नहीं है. सक्षम अधिकारियों ने जनता से केवल आधिकारिक स्रोतों से जानकारी प्राप्त करने और अफवाहों या अपुष्ट सूचनाओं को फैलाने से बचने का आग्रह किया है.'
ADNOC की इस सुविधा में 922,000 बैरल तेल प्रतिदिन रिफाइन (परिष्कृत) होता है और यह अमीरात के डाउनस्ट्रीम संचालन के लिए सेंट्रल हब के रूप में कार्य करता है जिसमें महत्वपूर्ण रासायनिक, उर्वरक और औद्योगिक गैस संयत्र शामिल हैं. ADNOC के मुताबिक रुवैस रिफाइनरी दुनिया की चौथी सबसे बड़ी रिफाइनरी है.
JUST IN: 🇦🇪 UAE's largest oil refinery Ruwais halts operations as a precaution following a drone attack. pic.twitter.com/9wMtqZNpow
— BRICS News (@BRICSinfo) March 10, 2026
यह हमला आईआरजीसी के प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फिघारी द्वारा कच्चे तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि के बीच अमेरिका को युद्ध जारी रखने की चुनौती देने के एक दिन बाद आया है.
एक समाचार चैनल द्वारा जारी एक वीडियो संदेश में जोल्फिघारी ने कहा अगर वे 200 डॉलर प्रति बैरल तेल की कीमत वहन कर सकते हैं तो उन्हें खेल खेलते रहने दें. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका ने ईरान के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बमबारी करके युद्ध का एक नया अध्याय शुरू कर दिया है.