फरवरी 2022 से जारी जंग के बीच अमेरिका और यूक्रेन के रिश्तों में खटास अब खुलकर सामने आने लगी है. मंगलवार को स्थानीय समय के मुताबिक ट्रंप ने जेलेंस्की को फिर चेताया कि रूस के साथ समझौता करने का वक्त आ गया है. दोनों नेताओं के बीच मतभेद हाल के दिनों में लगातार गहराते दिख रहे हैं, और ट्रंप के ताजा बयान ने इसे और हवा दे दी है. ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान 80 वर्षीय रिपब्लिकन नेता ने साफ कहा कि अगर यूक्रेन ने पहल नहीं की, तो कीव के लिए हालात बहुत खराब हो सकते हैं.
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने यूक्रेन को सैकड़ों अरब डॉलर की मदद दी है, लेकिन बदले में उसे कुछ हासिल नहीं हुआ. उनके मुताबिक अगर कुछ मिला है तो वह सिर्फ महंगा डीजल है. उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ने बीते वर्षों में लगभग किसी दूसरे देश को इतनी बड़ी रकम नहीं दी, जबकि बदले में उसे कुछ भी वापस नहीं मिला. ट्रंप के मुताबिक अमेरिकी करदाता अब इस खर्च से थक चुके हैं.
राष्ट्रपति ने रूस को एक विशाल मशीन बताया, जो लगातार आगे बढ़ रही है. उनका कहना था कि रूस ने जमीन का बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में ले लिया है और उसके पास लोगों की कोई कमी नहीं है. ट्रंप ने सवाल उठाया कि यूक्रेन आखिर कब तक मोर्चे पर टिका रह पाएगा.
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और रूस के बीच तेल समझौता हुआ था. जेलेंस्की ने इसे युद्ध में निवेश बताया और जंग जल्द खत्म कराने पर जोर दिया. उधर ट्रंप ने उन पर शांति के लिए पर्याप्त कोशिश न करने का आरोप लगाया और यूक्रेन में नया राष्ट्रपति चुनने की बात कही, जिससे कीव नाराज है.
खबरों के मुताबिक रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अगले महीने ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ तीन देशों की बैठक का प्रस्ताव रखा है. रूसी अधिकारी इसे लेकर उम्मीद जता रहे हैं, लेकिन अब तक इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है.