नई दिल्ली: पिछले कुछ समय से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है. अब दशहरा भी खत्म हो चुका है और देश के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज बदलता नजर आ रहा है. आज सुबह राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कई इलाकों में हल्का कोहरा देखने को मिला. अक्षरधाम के पास CWG अपार्टमेंट्स के नजदीक बायोडायवर्सिटी पार्क में घना कोहरा नजर आया.
मंगलवार को दिल्ली के सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 17.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 31.7 डिग्री सेल्सियस रहा. बुधवार को अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है. दिल्ली में फिलहाल मौसम शुष्क रहेगा. 25 अक्टूबर तक बारिश की संभावना नहीं है. हालांकि, 24 और 25 अक्टूबर को आसमान में कुछ समय के लिए बादल छा सकते हैं.
मंगलवार को दिल्ली का औसत AQI 179 दर्ज किया गया था, जो मीडियम कैटेगरी में आता है. लेकिन बुधवार सुबह तक कई इलाकों में स्थिति बिगड़ गई. आधी रात को बवाना में AQI 273, द्वारका सेक्टर-8 में 262, दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी में 248 और डॉ. करणी सिंह शूटिंग रेंज में 230 दर्ज किया गया. AQI का 201 से 300 के बीच होना खराब कैटेगरी में माना जाता है. इस स्तर पर लोगों को सांस लेने में परेशानी हो सकती है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को.
मंगलवार को दिल्ली में दशहरा मनाया गया. इस दौरान कई जगह रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतले जलाए गए और आतिशबाजी भी हुई. पटाखों से निकलने वाले धुएं में छोटे प्रदूषक कण होते हैं, जो हवा को खराब कर सकते हैं. हालांकि, मौजूदा प्रदूषण में दशहरा समारोहों का कितना योगदान रहा, यह अभी स्पष्ट नहीं है.
दूसरी ओर, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश समेत आसपास के राज्यों में पराली जलाना भी चिंता का विषय है. पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में किसान अगली फसल की तैयारी के लिए खेतों में पराली जलाते हैं. इससे निकलने वाला धुआं दिल्ली तक पहुंच सकता है. इसके अलावा, गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, सड़कों की धूल और कारखानों से निकलने वाली गैसें भी प्रदूषण बढ़ाती हैं.
दिल्ली सरकार 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान लागू करने की तैयारी कर रही है. इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों, निर्माण कार्यों और सड़कों की धूल पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए जाएंगे. दिल्ली सरकार 1 नवंबर से प्रदूषण कम करने के लिए नए नियम लागू करेगी.
जिन गाड़ियों के पास वैध PUC सर्टिफिकेट नहीं होगा, उन्हें पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा. दिल्ली के बाहर की कुछ गाड़ियों की एंट्री पर भी रोक लगेगी. इसके अलावा, निर्माण कार्यों पर नजर रखी जाएगी और मशीनों से सड़कों की सफाई होगी. फिलहाल दिल्ली में 23 अक्टूबर तक हवा खराब रहने का अनुमान है.