रूस ने सोमवार रात यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास के इलाकों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमला किया. यूक्रेनी अधिकारियों के मुताबिक, इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल हुए हैं. हमले के बाद कई इमारतों और जरूरी बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है. रूस ने इस हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों, क्रूज मिसाइलों और बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल किया.
यूक्रेनी वायुसेना के मुताबिक, रूस ने रातभर में कुल 269 ड्रोन और कई बैलिस्टिक व क्रूज मिसाइलें लॉन्च कीं. यूक्रेन का दावा है कि उसकी एयर डिफेंस प्रणाली ने 243 ड्रोन और 4 मिसाइलों को नष्ट कर दिया या उनका रास्ता रोक दिया. यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, 25 स्थानों पर हमले दर्ज किए गए, जबकि इंटरसेप्ट किए गए हमलों का मलबा 8 जगहों पर गिरा.
रूसी रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसके हमलों का लक्ष्य यूक्रेन के सैन्य-औद्योगिक ठिकाने थे. रूस के मुताबिक, कीव में डेटा सेंटर, क्रूज मिसाइलों के स्टोरेज से जुड़े लॉजिस्टिक्स सेंटर, ड्रोन के पुर्जे बनाने वाली औद्योगिक इकाई और एक लोकोमोटिव डिपो को निशाना बनाया गया. रूस ने दावा किया कि कुछ ठिकानों पर मिसाइलों और ड्रोन से जुड़ी सामग्री रखी गई थी.
कीव के कई इलाकों में हमले का असर देखने को मिला. देस्नियांस्की जिले में एक निजी मेडिकल सेंटर और मेट्रो स्टेशन को नुकसान पहुंचा. वहीं निप्रोव्स्की जिले में मलबा गिरने से शैक्षणिक संस्थानों और एक खेल परिसर को नुकसान हुआ. गैर-आवासीय इमारतें भी मलबे की चपेट में आईं.
कीव के सोलोमियांस्की जिले में 25 मंजिला रिहायशी इमारत के अंदर मौजूद एक मेडिकल सेंटर की तीसरी मंजिल पर आग लग गई. आपातकालीन सेवाओं ने आग पर काबू पा लिया. आसपास की इमारतों और एक शॉपिंग सेंटर की कई खिड़कियां भी टूट गईं.
रूसी रक्षा मंत्रालय ने कीव क्षेत्र में सैन्य उद्योग के लिए पॉलिमर सामग्री बनाने वाले एक प्लांट को निशाना बनाने का भी दावा किया. रूस ने यह भी कहा कि उसने ओडेसा बंदरगाह से करीब 130 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में समुद्र में एक बड़े मालवाहक जहाज को निशाना बनाया. रूस के अनुसार, जहाज पर सैन्य और दोहरे इस्तेमाल वाला सामान लदा था.
यूक्रेन में हुए इस हमले ने एक बार फिर युद्ध की गंभीरता को सामने ला दिया है. एक तरफ रूस सैन्य और औद्योगिक ठिकानों को निशाना बनाने का दावा कर रहा है, वहीं यूक्रेन में रिहायशी और सार्वजनिक क्षेत्रों के नुकसान की जानकारी सामने आई है. हमले के बाद प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव का काम जारी रहा.