नई दिल्ली: ईरान समर्थित हूथी विद्रोहियों ने सोमवार को यमन के दक्षिणी शबवा प्रांत में एक सैन्य शिविर पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया. इस हमले में करीब 53 सैनिक मारे गए और लगभग 200 रंगरूट घायल हो गए. हूथियों ने इस शिविर को निशाना बनाने की बात स्वीकार की है.
इस हमले के बाद इलाके में तनाव और बढ़ गया है.
इस हमले को सैन्य कार्रवाई बताते हुए शबवा प्रांत के प्रशासन ने कहा कि निशाने पर ऐसे नए रंगरूट थे, जो मिलिट्री टेस्टिंग ले रहे थे. प्रशासन ने यमन की सरकार और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन से इलाके की सुरक्षा मजबूत करने की मांग की है. इसके साथ ही सैनिकों को मिसाइल हमलों से बचाने के लिए बेहतर एयर डिफेंस सिस्टम और वॉर्निंग टेक्नोलॉजी की जरूरत है.
यमन की राष्ट्रपति नेतृत्व परिषद के प्रमुख राशद अल-अलीमी ने हमले का कड़ा जवाब देने का वादा किया है. वहीं, हूती विद्रोहियों के सैन्य प्रवक्ता ने दावा किया कि शिविर में सऊदी अधिकारी मौजूद थे और उन्हीं को निशाना बनाया गया. हालांकि, इस दावे के समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया गया. सऊदी सरकार की ओर से इस दावे पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई.
यमन में बढ़ती हिंसा का असर पड़ोसी देश सऊदी अरब पर भी दिखाई दे रहा है. हूती विद्रोहियों के लगातार हमलों के बीच सऊदी अरब ने अगले सप्ताह होने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय निवेश सम्मेलन को रद्द कर दिया है. इसके अलावा, राजधानी रियाद और आसपास के इलाकों में स्कूलों की ऑनलाइन पढ़ाई जारी रखने का फैसला किया गया है.
हाल के हफ्तों में हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के हवाई अड्डों, तेल ठिकानों और सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने का दावा किया है. इनमें सरकारी तेल कंपनी सऊदी अरामको के मुख्यालय और देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हमले भी शामिल हैं.
सोमवार को हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब में तेल प्रतिष्ठानों, हवाई अड्डों और सैन्य ठिकानों पर छह हमले करने का दावा किया. हालांकि, इन हमलों का सटीक समय नहीं बताया गया. सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग ने खतरे को लेकर अलर्ट जारी किए, लेकिन तत्काल किसी के हताहत होने या नुकसान की पुष्टि नहीं हुई.