Donald Trump Warning: मिस्र में आज होने वाले मध्यस्थता वार्ता से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इजराइल और हमास को चेतावनी दी है कि यदि गाजा शांति योजना पर तेजी से कार्रवाई नहीं हुई तो 'भयंकर रक्तपात' हो सकता है. ट्रम्प का यह बयान उस समय आया जब इजराइल और हमास ने मिस्र में अप्रत्यक्ष वार्ता के लिए तैयारियां शुरू कर दी हैं. इस वार्ता का उद्देश्य गाजा युद्ध को समाप्त करने और संभावित युद्धविराम पर सहमति बनाना है.
ट्रम्प ने एक ट्रुथ सोशल पोस्ट में कहा कि हमास और दुनिया भर के देशों के साथ इस सप्ताह के अंत तक कई सकारात्मक वार्ता हुई. इन वार्ताओं का उद्देश्य बंधकों की रिहाई, गाजा में युद्ध समाप्त करना और मध्य पूर्व में लंबे समय से प्रतीक्षित शांति स्थापित करना है. उन्होंने कहा कि तकनीकी टीमें सोमवार को मिस्र में फिर से मिलेंगी और शांति योजना के अंतिम विवरणों को स्पष्ट करेंगी. ट्रम्प ने सभी पक्षों से जल्दी कदम उठाने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि विलंब से बड़े पैमाने पर रक्तपात हो सकता है, जो किसी को देखना पसंद नहीं होगा.
इसी बीच हमास के वरिष्ठ नेता खलील अल-हय्या की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल मिस्र पहुंच चुका है. इजराइल ने भी अपने वार्ताकारों को शार्म एल-शेख के लिए रवाना किया. वार्ता का मुख्य मुद्दा इजराइल के बंधकों और फिलिस्तीनी कैदियों के बीच विनिमय प्रस्ताव है. मिस्र की विदेश मंत्रालय ने बताया कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकोफ भी वार्ता में शामिल होंगे.
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में गाजा से सभी बंधकों की रिहाई की घोषणा की जा सकेगी. हालांकि नेतन्याहू ने कहा कि हमास को 'आसान या कठिन तरीके से' निरस्त्र किया जाएगा और गाजा से इजराइल की पूर्ण वापसी नहीं होगी, जो हमास की मुख्य मांग रही है.
ट्रम्प और नेतन्याहू की इस पहल से क्षेत्रीय शांति की उम्मीदें बढ़ी हैं. मध्य पूर्व में दशकों पुरानी संघर्ष की पृष्ठभूमि में यह वार्ता महत्वपूर्ण मानी जा रही है. विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वार्ता सफल रही तो यह गाजा में जारी हिंसा को कम करने और दोनों पक्षों के बीच विश्वास बहाल करने का अवसर हो सकता है. हालांकि, ट्रम्प ने बार-बार सभी पक्षों से कहा कि समय की सीमा महत्वपूर्ण है और देर होने पर बड़े पैमाने पर हिंसा हो सकती है. इस बीच, इजराइल और हमास के प्रतिनिधियों की वार्ता में हर कदम पर वैश्विक निगरानी बनी रहेगी.