नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच चल रहा विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है. ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक एडिट की गई तस्वीर साझा करते हुए ऐसा कैप्शन लिखा, जिससे नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया.
ट्रंप ने पोस्ट में मजाकिया अंदाज में लिखा कि उन्हें मेलोनी के खिलाफ रेस्ट्रेनिंग ऑर्डर की जरूरत है. तस्वीर में ऐसा दिखाया गया था कि मेलोनी मुस्कुराते हुए ट्रंप की ओर देख रही हैं. इस पोस्ट को लेकर सोशल मीडिया पर अलग-अलग तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं.
Trump Trolls Giorgia Meloni with “Restraining Order Needed” — (Video: AI)
— Paul A. Szypula 🇺🇸 (@Bubblebathgirl) July 5, 2026
Trump is absolutely cooking on social media today! In this latest troll, he jokingly calls for a restraining order on Giorgia Meloni because of the way she looks at him — pure obsession energy! 😂
Let’s… https://t.co/FtA7TLGRHT pic.twitter.com/Tu6E8JrIut
यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब दोनों नेताओं की मुलाकात तुर्की में होने वाले NATO Summit के दौरान होने की संभावना है. ऐसे में माना जा रहा है कि दोनों नेताओं के बीच पहले से मौजूद तनाव पर सभी की नजर रहेगी.
दोनों नेताओं के बीच विवाद पिछले सप्ताह तब शुरू हुआ था जब ट्रंप ने दावा किया कि जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान मेलोनी ने उनसे कई बार फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई और बार-बार तस्वीर की मांग की. ट्रंप ने यह भी कहा कि यूरोप ने ऊर्जा और आव्रजन जैसे मुद्दों पर गलत नीतियां अपनाई हैं. उनके अनुसार यदि इन समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो यूरोप को गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.
ट्रंप के इन बयानों के बाद इटली की ओर से कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई. इटली के विदेश मंत्री एंटोनियो ताजानी ने वॉशिंगटन की प्रस्तावित यात्रा रद्द कर दी. वहीं मेलोनी ने ट्रंप के दावों को पूरी तरह झूठा और मनगढ़ंत बताया.
मेलोनी ने कहा कि न तो इटली और न ही उन्होंने कभी किसी से विनती की है. उन्होंने कहा कि वह पश्चिमी देशों की एकता में विश्वास रखती हैं और इटली के हितों के लिए ईमानदारी और स्पष्टता के साथ काम करती रहेंगी. उनके अनुसार मजबूत रिश्ते हमेशा स्पष्ट बातचीत और आपसी सम्मान पर आधारित होते हैं.
रिपोर्ट के अनुसार दोनों नेताओं के रिश्तों में हाल के महीनों में और तनाव तब बढ़ा जब इटली ने ईरान से जुड़े अमेरिकी प्रयासों का खुलकर समर्थन करने में हिचक दिखाई. अब नाटो शिखर सम्मेलन में होने वाली संभावित मुलाकात पर दुनिया की नजर रहेगी कि दोनों नेता इस विवाद को आगे बढ़ाते हैं या रिश्तों को सामान्य बनाने की कोशिश करते हैं.