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ईरान पर जॉइंट स्ट्राइक के बाद ट्रंप का बयान, न्यूक्लियर प्रोग्राम और मिसाइलों पर दी चेतावनी

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कार्रवाई ईरान को न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर दोबारा बनाने से रोकने के लिए की गई है. उन्होंने ईरानी सुरक्षाबलों को हथियार डालने की चेतावनी भी दी है.

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Edited By: Babli Rautela
ईरान पर जॉइंट स्ट्राइक के बाद ट्रंप का बयान, न्यूक्लियर प्रोग्राम और मिसाइलों पर दी चेतावनी
Courtesy: X (@Trump_donald07)

नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है. यूनाइटेड स्टेट्स के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर किए गए हमले की आधिकारिक पुष्टि कर दी है. उन्होंने कहा कि यह कार्रवाई ईरान को अपने न्यूक्लियर इंफ्रास्ट्रक्चर को दोबारा खड़ा करने से रोकने के लिए की गई है. इस बयान के बाद वैश्विक राजनीति में हलचल तेज हो गई है.

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल अकाउंट से एक वीडियो संदेश जारी किया. इस वीडियो में उन्होंने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड, आर्म्ड फोर्सेज और पुलिस के जवानों को सीधे संबोधित किया. उन्होंने कहा कि सभी सुरक्षाबल अपने हथियार डाल दें और पूरी इम्यूनिटी लें. अगर ऐसा नहीं किया गया तो गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा कि जो लोग हथियार नहीं डालेंगे उन्हें पक्की मौत का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग आत्मसमर्पण करेंगे उनके साथ पूरी इम्यूनिटी के साथ सही व्यवहार किया जाएगा. इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई बहस छेड़ दी है.

न्यूक्लियर प्रोग्राम पर अमेरिका की सख्त नीति

डोनाल्ड ट्रंप ने दोहराया कि अमेरिका कभी भी ईरान को न्यूक्लियर बम बनाने की अनुमति नहीं देगा. उन्होंने कहा कि हालिया हमले का उद्देश्य ईरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को पूरी तरह खत्म करना था. अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि ईरान दोबारा अपने न्यूक्लियर ढांचे को खड़ा करने की कोशिश कर रहा था, जिसे रोकना जरूरी था.

अमेरिका लंबे समय से ईरान के न्यूक्लियर कार्यक्रम को लेकर चिंतित रहा है. ट्रंप ने कहा कि यह कार्रवाई अमेरिकी लोगों के हितों की रक्षा के लिए की गई है. उनके अनुसार अगर समय रहते कदम नहीं उठाया जाता तो भविष्य में बड़ा खतरा पैदा हो सकता था.

क्या बढ़ेगा पश्चिम एशिया में तनाव

विशेषज्ञों का मानना है कि इस हमले के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ सकता है. ईरान की ओर से अभी तक औपचारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है, लेकिन माना जा रहा है कि तेहरान इस कार्रवाई को आक्रामक कदम के रूप में देख सकता है. इससे दोनों देशों के बीच टकराव की आशंका गहरी हो गई है.

अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी इस घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है. कई देश शांति और संयम की अपील कर सकते हैं, ताकि स्थिति और न बिगड़े. हालांकि अमेरिका का रुख फिलहाल बेहद सख्त नजर आ रहा है.