पाकिस्तान में होली के मौके पर प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हिंदू समुदाय को शुभकामनाएं दीं और देश में आपसी सौहार्द बढ़ाने की बात कही. उन्होंने कहा कि होली रंगों का त्योहार ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और विविधता का प्रतीक भी है. प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि देश को शांतिपूर्ण, समावेशी और खुशहाल बनाने के लिए सभी समुदायों को मिलकर काम करना चाहिए. उन्होंने हिंदू समुदाय को पाकिस्तान समाज का “मूल्यवान हिस्सा” बताया और कहा कि यह समुदाय देश के आर्थिक विकास में भी योगदान देता है.
पाकिस्तान में हिंदू आबादी करीब 1.7 प्रतिशत है और अधिकतर लोग सिंध प्रांत में रहते हैं. शरीफ ने कहा कि देश का संविधान सभी नागरिकों को धर्म की स्वतंत्रता और समान अधिकार देता है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.
प्रधानमंत्री ने 2025 की ‘इंटरफेथ हार्मनी पॉलिसी’ और ‘धार्मिक सहिष्णुता रणनीति’ का भी जिक्र किया, जिन्हें उन्होंने आपसी सम्मान और शांति को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया.
इसी बीच राष्ट्रपति आसिफ अली ने मौजूदा सुरक्षा हालात और क्षेत्रीय तनाव को देखते हुए होली सादगी से मनाने की अपील की. उन्होंने हिंदू समुदाय से कहा कि वे बड़े सार्वजनिक आयोजनों से बचें और सतर्कता बरतें. राष्ट्रपति की इस अपील का पाकिस्तान हिंदू काउंसिल ने समर्थन किया है. काउंसिल ने समुदाय के लोगों से स्थानीय प्रशासन के साथ सहयोग करने और सावधानी बरतने की सलाह दी.
इस बार पाकिस्तान में होली अपेक्षाकृत शांत माहौल में मनाई गई. नेताओं के संदेशों में जहां एक तरफ भाईचारे और सहिष्णुता पर जोर दिया गया, वहीं दूसरी ओर मौजूदा हालात को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह भी दी गई. कुल मिलाकर, सरकार ने त्योहार के अवसर पर एकता और संवैधानिक अधिकारों की बात दोहराई है, जबकि सुरक्षा को प्राथमिकता देने का संकेत भी दिया है.