नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता अब भी चल रही है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को अपने ही पारंपरिक सहयोगी देश ओमान को सैन्य हमले की खुली धमकी दे दी. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जारी तनाव को लेकर हो रही बातचीत के बीच उन्होंने काफी आक्रामक बयान दिया है.
राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ चेतावनी दी कि अगर ओमान, ईरान का साथ देता है तो अमेरिका उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा. उन्होंने साफ कहा कि ओमान को भी अन्य देशों की तरह ही व्यवहार करना होगा, वरना हमें उन्हें उड़ा देना पड़ेगा. साथ ही उन्होंने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर साफ कहा कि इस पर किसी भी देश का कोई नियंत्रण नहीं होगा.
ओमान और अमेरिका को लंबे समय से विश्वसनीय सहयोगी माना जाता रहा है. लेकिन ट्रंप के इस बयान ने अमेरिका और ओमान के इस संबंध में मौजूद तनाव को सार्वजनिक रूप से उजागर कर दिया हैं. ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही शांति वार्ता को लेकर कहा कि वे ईरान के अब तक दिए गए प्रस्तावों से संतुष्ट नहीं हैं.
ट्रंप ने यह साफ कहा कि वह इस युद्ध को खत्म करने की जल्दबाजी में नहीं है. उन्होंने ईरान की स्थिति अभी कमजोर बताई है. उनका कहना है कि ईरान समझौता करना चाहता है, लेकिन अभी तक वह अमेरिका की शर्तों के अनुरूप स्तर तक नहीं पहुंचा है. ट्रंप ने दो टूक कहा कि या तो समझौता उनकी शर्तों पर होगा या फिर सैन्य विकल्प अपनाया जाएगा.
ईरानी मीडिया में अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों के विपरीत दावे किए जा रहे हैं. ईरानी सरकारी टेलीविजन ने एक ड्राफ्ट समझौते का दावा किया, जिसमें ईरान पर से नौसैनिक नाकाबंदी हटाने, होर्मुज में यातायात बहाल करने और खाड़ी क्षेत्र से अमेरिकी सैनिकों की वापसी शामिल बताई गई थी.
हालांकि व्हाइट हाउस की ओर से इस रिपोर्ट को पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा बताते हुए खारिज कर दिया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति का कहना है कि ईरानी सेना अब पूरी तरह नष्ट हो गई है और ईरान की अर्थव्यवस्था की हालत खराब है. इसलिए वह इस समझौते में कोई भी जल्दबाजी नहीं करेंगे.