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India Daily

ट्रंप ने डिनर पार्टी के नाम पर टेक कंपनियों से मांगी इन्वेस्टमेंट! एलन मस्क रहे नदारद

Donald Trump Dinner Party: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक डिनर आयोजित किया था, जिसमें कई दिग्गज लोगों ने शिरकत की थी. यहां पर अमेरिका में इन्वेस्टमेंट को लेकर बात हुई.

Shilpa Shrivastava
ट्रंप ने डिनर पार्टी के नाम पर टेक कंपनियों से मांगी इन्वेस्टमेंट! एलन मस्क रहे नदारद
Courtesy: X (Twitter)

Donald Trump Dinner Party: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने व्हाइट हाउस में एक स्पेशल डिनर का आयोजन किया था, जिसमें कई दिग्गजों को न्यौता भेजा गया था. इस डिनर का उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और टेक्नोलॉजी कंपनियों का इन्वेस्टमेंट था. इस डिनर में 12 से ज्यादा कंपनियों के सीईओ शामिल हुए, जिनमें बिल गेट्स (माइक्रोसॉफ्ट), टिम कुक (एप्पल), मार्क जकरबर्ग (फेसबुक) और सुंदर पिचाई (गूगल) शामिल थे. 

ट्रंप ने हर मेहमान से यह बताने को कहा कि उनकी कंपनियां अमेरिका के प्रोजेक्ट्स में कितना पैसा लगा रही हैं. ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि ट्रंप इन कंपनियों पर निवेश का दवाब बना रहे हैं. इस डिनर की सबसे अहम बात यह रही कि इसमें एलन मस्क मौजूद नहीं थे. 

एलन मस्क नहीं थे मौजूद:

इस डिनर में कई बड़े दिग्गज लीडर शामिल हुए, लेकिन टेस्ला और स्पेसएक्स के सीईओ एलन मस्क मौजूद नहीं थे. बता दें कि मस्क पहले ट्रंप के करीबी हुआ करते थे, लेकिन हाल ही में दोनों के बीच में काफी दूरियां आ गई थीं. उनके बीच उनसे दूर हो गए हैं. उनके बीच यूएस स्पेस पॉलिसी और गर्वमेंट कॉन्ट्रैक्ट्स को लेकर मतभेद थे. 

इंडियन-अमेरिकन टेक लीडर्स ने की इस डिनर में शिरकत:

इस डिनर में 5 ऐसे टेक लीडर्स ने भी शिरकत की जो इंडियन-अमेरिकन हैं. इससे सिलिकॉन वैली और अमेरिकी पॉलिटिक्स में भारतीय-अमेरिकियों के मजबूत प्रभाव का पता चलता है. इनमें सत्य नडेला (माइक्रोसॉफ्ट), सुंदर पिचाई (गूगल), संजय मेहरोत्रा ​​(माइक्रोन), विवेक रणदिवे (टिब्को) और श्याम शंकर (पैलेंटिर) शामिल थे. 

इस दौरान सुंदर पिचाई ने ट्रंप का धन्यवाद किया, क्योंकि ट्रंप ने गूगल क्रोम ब्राउजर के खिलाफ एक बड़े एंटीट्रस्ट मामले को खारिज करने में मदद की थी. इस फैसले से गूगल की पैरेंट कंपनी, अल्फाबेट की मार्केट वैल्यू 2.5 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गई है. बिल गेट्स ने कोविड-19 टीकों पर ट्रंप के काम की सराहना की. साथ ही यह भी कहा कि माइक्रोसॉफ्ट अमेरिकी सरकार के साथ एचआईवी और पोलियो जैसी अन्य बीमारियों पर काम कर रहा है.