अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए संघर्ष पर विराम लगवाने का क्रेडिट एक बार नहीं बल्कि अब तक सैकड़ों बार ले चुके हैं. हालांकि हर बार भारत की तरफ से उनके इन दावों को खारिज किया गया है. इसी बीच उन्होंने एक बार फिर से वॉशिंगटन में आयोजित 'बोर्ड ऑफ पीस' कार्यक्रम के दौरान अपने इस दावे को दोहराया है.
ट्रंप ने वहां मौजूद सभा के सामने एक बार फिर से दावा किया कि उन्होंने ही दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर युद्ध को रुकवाया था. लेकिन नया दावा उनके पुराने दावे से थोड़ा अलग है. उन्होंने इस बार दावा किया है कि इस सैन्य टकराव के दौरान 11 लड़ाकू विमान मार गिराए गए थे. ट्रंप द्वारा बताई गई यह संख्या पिछली बार से फिर अलग है.
अमेरिकी प्रेसिडेंट ने कई बार यह दावा किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच 2025 में हुए संघर्ष को ट्रंप ने रुकवाया था. एक बार फिर उन्होंने वॉशिंगटन में आयोजित 'बोर्ड ऑफ पीस' कार्यक्रम में बोलते हुए ट्रंप ने दोहराया कि उन्होंने ही दोनों देशों के बीच मध्यस्थता कर युद्ध रुकवाया था.
हालांकि इस बार उन्होंने विमानों के गिरने का नंबर पहली बार दिए गए नंबर से काफी अलग बताया है. शुरुआत में उन्होंने सिर्फ पांच विमान गिरने का दावा किया था. इसके बाद यह संख्या लगातार बढ़ती रही, पहले 7, फिर 8 -10 और अब यह संख्या 11 तक जाकर पहुंच गई है. लेकिन इसमें भी खास बात यह है कि उन्होंने यह साफ नहीं किया है कि किस देश के कितने विमान गिराए गए हैं.
ट्रंप ने कार्यक्रम में कहा कि जब बहुत सारा पैसा डूबने की बात आई तो उन्हें लगा कि हमें नहीं लड़ना चाहिए. 11 जेट मार गिराए गए थे. वे बहुत महंगे जेट थे. उन्होंने कहा कि इस युद्ध को रुकवाने के लिए उन्होंने दोनों देशों के नेताओं से फोन पर बातचीत की थी. इतना ही नहीं इस दौरान उन्होंने यह तक कह दिया कि अगर इस युद्ध को रोका नहीं गया तो अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्ते खत्म हो जाएंगे.
उनका ऐसा दावा है कि उनकी इन धमकियों के बाद दोनों देश शांत हो गए और इस युद्ध को खत्म कर दिया. इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए कहा कि मेरी उनसे बात हुई है और वह काफी उत्साहित है. हालांकि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता की गुंजाइश को नकारा है.