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India Daily

AI समिट के दौरान US के नेतृत्व वाले Pax Silica में भारत की एंट्री, जानें क्या है इसके मायने

नई दिल्ली में चल रहे एआई समिट के दौरान शुक्रवार को भारत US के नेतृत्व वाले ग्लोबल टेक अलायंस Pax Silica में शामिल हो गया. आइए जानते हैं क्या है इसका महत्व?

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Edited By: Shanu Sharma
AI समिट के दौरान US के नेतृत्व वाले Pax Silica में भारत की एंट्री, जानें क्या है इसके मायने
Courtesy: X (@Indianinfoguide)

भारत AI की दुनिया में तेजी और मजबूती से आगे बढ़ रहा है. इसी क्रम में भारत शुक्रवार को US के नेतृत्व वाले ग्लोबल टेक अलायंस Pax Silica में शामिल हो गया. इस अलायंस का मकसद ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर के सप्लाई चेन को सुरक्षित करना है. भारत ने यह मजबूत कदम नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित इंडिया AI इम्पैक्ट समिट के दौरान उठाया है.

नई दिल्ली के भारत मंडपम में एआई समिट का आयोजन किया  गया है. जिसमें दुनिया भर की कई कंपनियां और उद्योगपति पहुंचे हैं. इसी समिट के दौरान भारत को Pax Silica में शामिल किया गया. जिसका मकसद सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग और तेज़ी से विकसित हो रहे AI सेक्टर में आपसी सहयोग को मजबूत बनाना है.

क्या है Pax Silica?

US के आर्थिक मामलों के अंडर सेक्रेटरी जैकब हेलबर्ग और राजदूत सर्जियो गोर ने दूसरे अधिकारियों की मौजूदगी में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने Pax Silica घोषणा पर साइन किए. भारत और अमेरिका के बीच कुछ दिनों पहले हुए ट्रेड डील के बाद दोनों देश अब एआई की दुनिया में भी मिलकर कदम बढ़ा रहे हैं.

बता दें कि Pax Silica एक US के नेतृत्व वाला स्ट्रेटेजिक अलायंस है, जिसे पिछले साल दिसंबर में लॉन्च किया गया था. इसके पीछे ग्लोबल आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन को सुरक्षित करने का लक्ष्य है. इस अलायंस में भारत और अमेरिका के साथ-साथ ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इज़राइल, जापान, कतर, साउथ कोरिया, सिंगापुर, यूनाइटेड अरब अमीरात और यूनाइटेड किंगडम भी शामिल हैं.

इसमें शामिल करने से क्या होगा फायदा?

पैक्स सिलिका को भविष्य में AI और टेक्नोलॉजी सिस्टम को विकसित करने के लिए भरोसेमंद देशों के बीच एक साझा फ्रेमवर्क स्थापित करने के लिए डिजाइन किया गया है. जिसमें सभी देश मिलकर इस क्षेत्र में अपनी मजबूत स्थिति बनाने पर काम करेंगे. साथ ही इसका मकसद यह भी है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आर्थिक क्षमता का पूरा इस्तेमाल कर सकें और उभरती AI-पावर्ड ग्लोबल अर्थव्यवस्था से फायदा उठा सकें. भविष्य में इस अलायंस का  बड़ा फायदा मिल सकता है.