नई दिल्ली: कार आज सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरत बन चुकी है. ऑफिस जाना हो, बच्चों को स्कूल छोड़ना हो या लंबी यात्रा पर निकलना हो, हर जगह कार अहम भूमिका निभाती है. लेकिन कई बार हम अनजाने में ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो धीरे-धीरे हमारी कार की सेहत खराब कर देती हैं. ये गलतियां तुरंत दिखाई नहीं देतीं, पर समय के साथ इंजन, ब्रेक और अन्य हिस्सों पर गंभीर असर डालती हैं.
कई लोग सोचते हैं कि जब तक कार ठीक चल रही है, तब तक सर्विस की जरूरत नहीं. यही सोच सबसे बड़ी गलती साबित होती है. कंपनी द्वारा तय सर्विस शेड्यूल का पालन न करने से इंजन के अंदरूनी हिस्सों में घिसावट बढ़ जाती है. फिल्टर और फ्लूइड समय पर न बदलने से माइलेज भी कम होता है. नियमित सर्विस से छोटी समस्याएं पहले ही पकड़ में आ जाती हैं और बड़ा खर्च टल जाता है.
इंजन ऑयल कार के दिल की तरह काम करता है. यदि इसे तय समय पर न बदला जाए तो इंजन के पुर्जों में रगड़ बढ़ती है. इससे इंजन गर्म होने लगता है और उसकी कार्यक्षमता घटती जाती है. कई लोग किलोमीटर सीमा पार होने के बाद भी ऑयल नहीं बदलते, जिससे इंजन की उम्र कम हो सकती है. सही ग्रेड का ऑयल और समय पर बदलाव बेहद जरूरी है.
गलत टायर प्रेशर सिर्फ माइलेज कम नहीं करता, बल्कि सड़क पर पकड़ भी कमजोर कर देता है. कम या ज्यादा हवा होने से टायर असमान रूप से घिसते हैं. इससे अचानक फटने का खतरा भी बढ़ जाता है. विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि महीने में कम से कम एक बार टायर प्रेशर जरूर जांचें. लंबी यात्रा से पहले यह जांच और भी जरूरी हो जाती है.
डैशबोर्ड पर जलने वाली चेतावनी लाइट्स किसी समस्या का संकेत होती हैं. कई ड्राइवर इन्हें मामूली समझकर नजरअंदाज कर देते हैं. यह लापरवाही आगे चलकर बड़ी तकनीकी खराबी में बदल सकती है. यदि इंजन, बैटरी या ब्रेक से जुड़ी लाइट जलती है तो तुरंत जांच करानी चाहिए. समय रहते कदम उठाने से भारी नुकसान रोका जा सकता है.
तेज रफ्तार में अचानक ब्रेक लगाना, क्लच पर लगातार पैर रखना या गड्ढों में तेज गति से गाड़ी चलाना वाहन के पार्ट्स पर दबाव डालता है. ऐसी आदतें सस्पेंशन, ब्रेक और ट्रांसमिशन सिस्टम को प्रभावित करती हैं. संतुलित और सावधानीपूर्ण ड्राइविंग से कार की उम्र बढ़ाई जा सकती है. छोटी सावधानियां लंबे समय तक बड़ी राहत देती हैं.