'एक घंटे में बर्बाद कर सकते हैं इंफ्रास्ट्रक्चर', शांति समझौते के बीच ईरान को ट्रंप की दो टूक चेतावनी
अमेरिका और ईरान के बीच जारी बातचीत के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान को कड़ी चेतावनी दी है. ट्रंप ने कहा कि अमेरिका या तो समझौते का रास्ता चुनेगा या फिर निर्णायक कार्रवाई करेगा.
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बढ़ता जा रहा है. इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अमेरिका या तो तेहरान के साथ कोई समझौता करेगा या फिर काम खत्म कर देगा. इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी धमकी देते हुए कहा कि अमेरिका चाहे तो कभी भी ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर को बर्बाद कर सकता है.
इस समय अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते को लेकर बातचीत जारी है. इस बातचीत के बीच दोनों देशों की ओर से 60 दिनों के लिए शांति समझौते का ऐलान किया गया है. हालांकि इजरायल लगातार इस समझौते का विरोध कर रहा है, जिसकी वजह से दोनों देशों के बीच एक बार फिर से तनाव बढ़ गया.
ट्रंप ने क्या कहा?
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सामने खुद को मजबूत बताते हुए कहा कि हम किसी भी हाल में जीतेंगे, चाहे समझौता करेंगे या फिर काम खत्म कर देंगे. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वे सैन्य कार्रवाई के बजाय बातचीत की मदद से काम करना पसंद करेंगे. उन्होंने कहा कि अभी के लिए मैं समझौता करना पसंद करूंगा क्योंकि मैं नहीं चाहता कि 9 करोड़ से ज्यादा लोगों पर इसका असर पड़े. लेकिन अगर हम चाहें तो एक घंटे के अंदर सब तबाह कर सकते हैं. बिजली की सप्लाई को ठप कर सकते हैं. प्लांट को नष्ट कर सकते हैं. इससे पहले ट्रंप ने ईरानी नेताओं को लेकर भी बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि अमेरिका चाहे तो ईरान के बचे हुए नेताओं को एक ही बार में खत्म कर सकता है.
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ट्रंप के बयान पर ईरान का जवाब
राष्ट्रपति ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि एक झटके में सब कुछ खत्म किया जा सकता है, लेकिन वह ऐसा करेंगे नहीं क्योंकि इसके बाद बातचीत के लिए कोई ऑप्शन नहीं बचेगा. ट्रंप के इन बयानों से पता चलता है किअमेरिका अपनी सैन्य क्षमता के बावजूद तेहरान के साथ कूटनीतिक रास्ते खुले रखना चाहता है. ईरान की ओर से ट्रंप के इन बयानों की निंदा की गई. अर्मेनिया में ईरानी दूतावास की ओर से कहा गया कि अमेरिका कभी भी खामेनेई के दुख को नहीं समझ पाएगा क्योंकि उसके पास न कोई सभ्यता है और न ही कोई इतिहास है. दूतावास की ओर से कहा गया कि लोगों को मारा जा सकता है, लेकिन उनके आदर्शों को नहीं.