मोबाइल चैट दिखाने को लेकर भड़का विवाद, प्रेमी ने गड़ासे से प्रेमिका के शव को टुकड़ों में काटकर फेंका
जौनपुर में एक महिला की हत्या के मामले में पुलिस ने उसके परिचित व्यक्ति को गिरफ्तार किया है. पुलिस का आरोप है कि मोबाइल चैट को लेकर विवाद के बाद हत्या की गई. चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला.
जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले में एक महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने कुछ ही घंटों में खुलासा करने का दावा किया है. पुलिस के अनुसार मोबाइल चैट को लेकर हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति ने अपनी महिला मित्र की हत्या कर दी. इसके बाद शव के टुकड़े कर उन्हें अलग अलग स्थानों पर फेंक दिया ताकि पहचान छिपाई जा सके. आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है.
पुलिस के मुताबिक रविवार सुबह शिवपुर बाईपास स्थित रानीपुर तिराहे के पास काली पॉलीथिन में एक महिला का शव बरामद हुआ था. जांच के दौरान महिला की पहचान वाराणसी के राजातालाब निवासी 40 वर्षीय रेशमा उर्फ सना के रूप में हुई. प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने मामले की कड़ियां जोड़ते हुए आरोपी की तलाश शुरू की.
पुलिस ने क्या बताया?
जौनपुर पुलिस के अनुसार आरोपी की पहचान गुजरात के भावनगर निवासी हेमल खखरिया उर्फ दिलीप के रूप में हुई, जो मड़ियाहूं की टीचर्स कॉलोनी में किराये के मकान में रहकर एसी और फ्रीज की मरम्मत का काम करता था. पुलिस का आरोप है कि महिला उसके बुलाने पर मड़ियाहूं आई थी और रात के समय दोनों के बीच मोबाइल चैट को लेकर विवाद हुआ.
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आरोपी ने क्या बताया?
पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात स्वीकार करते हुए बताया कि विवाद के बाद उसने महिला की हत्या कर दी और पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव के कई हिस्से कर अलग अलग स्थानों पर फेंक दिए. पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर शव के अन्य हिस्से भी बरामद करने का दावा किया है.
आरोपी की तलाश के दौरान रविवार देर रात रामनगर गेट के पास पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई. पुलिस के अनुसार आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके जवाब में की गई कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी. घायल आरोपी को उपचार के लिए जिला अस्पताल भेजा गया. पुलिस ने उसके कब्जे से एक तमंचा, चाकू, गड़ासा और अन्य सामान बरामद करने की जानकारी दी है.
मृतका के पति ने क्या बताया?
मृतका के पति ने बताया कि उनकी पत्नी की मुलाकात करीब छह महीने पहले आरोपी से नौकरी के सिलसिले में हुई थी. आरोपी ने 15 हजार रुपये महीने की नौकरी दिलाने का भरोसा दिया था. चार जुलाई को वह नौकरी के संबंध में उससे मिलने गई थी, जिसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया. बाद में सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मिली.