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'इंडोनेशिया से आ सकती है गुड न्यूज', ब्रह्मोस डील पर लगने वाली है मुहर? PM मोदी के दौरे पर टिकी नजरें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय इंडोनेशिया यात्रा भारत-इंडोनेशिया संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में अहम मानी जा रही है. रक्षा सहयोग, ब्रह्मोस मिसाइल सौदा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश और महत्वपूर्ण खनिजों पर व्यापक बातचीत के साथ कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है.

ANI
Shanu Sharma

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी तीन देशों की विदेश यात्रा के पहले चरण में इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे हैं. दो दिन के इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भारत और इंडोनेशिया के बीच व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत बनाना है.

दोनों देशों के बीच रक्षा, व्यापार, निवेश, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा.

ब्रह्मोस मिसाइल सौदे पर बन सकती है सहमति

प्रधानमंत्री मोदी इस वक्त इंडोनेशिया की चौथी यात्रा पर है, जबकि वर्ष 2018 के बाद यह उनकी दूसरी द्विपक्षीय यात्रा है. दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच होने वाली बैठक को क्षेत्रीय और वैश्विक रणनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इंडोनेशिया में भारत के राजदूत संदीप चक्रवर्ती ने संकेत दिए हैं कि ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली की संभावित खरीद को लेकर बातचीत निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है. उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री की इस यात्रा के दौरान इस दिशा में सकारात्मक प्रगति देखने को मिल सकती है.


इन मुद्दों पर हो सकती है बातचीत

प्रधानमंत्री मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति के बीच होने वाली वार्ता में रक्षा सहयोग, समुद्री सुरक्षा, व्यापार एवं निवेश, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषय प्रमुख रहेंगे.दोनों देश हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और सुरक्षित समुद्री मार्ग सुनिश्चित करने के लिए पहले से ही सहयोग कर रहे हैं. माना जा रहा है कि इस यात्रा के दौरान इन क्षेत्रों में सहयोग को और संस्थागत रूप देने के लिए कई नए समझौतों पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं.

महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग बढ़ाने की तैयारी

पीएम मोदी की यह यात्रा का एक प्रमुख एजेंडा महत्वपूर्ण खनिजों के क्षेत्र में साझेदारी को मजबूत करना भी है. इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी निर्माण और आधुनिक तकनीकों के लिए आवश्यक इन खनिजों की वैश्विक मांग लगातार बढ़ रही है. इंडोनेशिया इस क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. ऐसे में भारत इस सहयोग को अपनी औद्योगिक और ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम मान रहा है. राजदूत चक्रवर्ती ने कहा कि इस क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की संभावना है. उन्होंने यह भी कहा कि इंडोनेशिया सभी देशों के साथ सहयोग की खुली विदेश नीति अपनाता है, जिससे भारत के साथ साझेदारी के नए अवसर बन रहे हैं.