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दावोस में ट्रंप सहित कई नेताओं ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर किए हस्ताक्षर, दुनिया को कैसे होगा फायदा?

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की शुरुआत गाजा संकट से होगी. उन्होंने कहा कि इजरायल-हमास युद्ध अब अपने आखिरी दौर में है और हालात काबू में आ रहे हैं. इसके बाद यह बोर्ड दुनिया के दूसरे संघर्षों पर भी काम कर सकता है.

Sagar
Edited By: Sagar Bhardwaj
दावोस में ट्रंप सहित कई नेताओं ने ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर किए हस्ताक्षर, दुनिया को कैसे होगा फायदा?
Courtesy: @Forbes

स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी नई अंतर्राष्ट्रीय पहल ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की शुरुआत की. इस मौके पर कई देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और राजनयिक मौजूद रहे. डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह मंच दुनिया के लिए 'कुछ बहुत अलग' साबित हो सकता है.

फोरम में इन देशों के नेता हुए शामिल

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में मिडिल ईस्ट और दक्षिण अमेरिका के देशों की भागीदारी ज्यादा दिखी. अर्जेंटीना, इंडोनेशिया, पाकिस्तान, आर्मेनिया, अजरबैजान, उज्बेकिस्तान और पराग्वे जैसे देशों के शीर्ष नेता इस फोरम में शामिल हुए. बैठक में यूरोप के बड़े अमेरिकी सहयोगी देशों की मौजूदगी कम रही, हालांकि अभी तक बोर्ड की पूरी मेंबर लिस्ट सामने नहीं आई है.

दस्तावेजों पर हुए हस्ताक्षर लेकिन चार्टर सार्वजनिक नहीं

कार्यक्रम के अंत में डोनाल्ड ट्रंप और शामिल देशों के नेताओं ने कुछ दस्तावेजों पर साइन किए. व्हाइट हाउस ने इसे ‘चार्टर लॉन्च’ बताया, लेकिन अभी तक इस बोर्ड का ड्राफ्ट चार्टर सार्वजनिक नहीं किया गया है. अभी कुछ देश यह तय करने में लगे हुए हैं कि वे इस बोर्ड का हिस्सा बनेंगे या नहीं.

गाजा संकट से होगी शुरुआत

राष्ट्रपति ट्रंप ने साफ किया कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की शुरुआत गाजा संकट से होगी. उन्होंने कहा कि इजरायल-हमास युद्ध अब अपने आखिरी दौर में है और हालात काबू में आ रहे हैं. इसके बाद यह बोर्ड दुनिया के दूसरे संघर्षों पर भी काम कर सकता है.

संयुक्त राष्ट्र के साथ काम करने की बात

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि यह बोर्ड संयुक्त राष्ट्र (UN) के साथ मिलकर काम करेगा, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यूएन ने अतीत में कई बार अपनी भूमिका सही से नहीं निभाई. उन्होंने कहा कि सही लोगों के साथ मिलकर यह मंच वैश्विक शांति के लिए असरदार साबित हो सकता है.

ग्रीनलैंड पर बदला रुख

दावोस की बैठक में डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड पर यूटर्न ले लिया जिससे दुनिया को एक राहत की सांस मिली. उन्होंने यूरोप पर टैरिफ लगाए जाने की धमकी भी वापस ले ली.

 ‘बोर्ड ऑफ पीस’ पर दुनिया की नजर

ट्रंप की इस नई पहल को लेकर अभी कई सवाल हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति का मानना है कि यह मंच भविष्य में वैश्विक विवाद सुलझाने में अहम भूमिका निभा सकता है. अब देखना होगा कि ‘बोर्ड ऑफ पीस’ सच में शांति का रास्ता खोलता है या सिर्फ एक राजनीतिक प्रयोग बनकर रह जाता है.