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India Daily

H-1B होल्डर्स सावधान! H-4 वर्क परमिट बंद करने की तैयारी, ट्रंप प्रशासन के नए प्लान से हजारों भारतीयों की बढ़ेगी टेंशन

ट्रंप प्रशासन द्वारा आव्रजन नीतियां लगातार सख्त की जा रही हैं. नए रिपोर्ट्स के मुताबिक अब H-1B वीजा धारकों के लिए नई मुसीबत आ सकती है.

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Edited By: Shanu Sharma
H-1B होल्डर्स सावधान! H-4 वर्क परमिट बंद करने की तैयारी, ट्रंप प्रशासन के नए प्लान से हजारों भारतीयों की बढ़ेगी टेंशन
Courtesy: AI

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अपने दूसरे कार्यकाल की शुरुआत से ही विदेशी नागरिकों के लिए मुसीबत बढ़ा रहे हैं. अब ट्रंप सरकार की ओर से H-1B वीजा धारकों को झटका मिल सकता है. अमेरिकी सरकार H-4 वीजा होल्डर्स का वर्क परमिट खत्म करने की तैयारी में है.

ट्रंप सरकार द्वारा अगर इस प्रस्ताव को यदि लागू किया जाता है तो इसका असर सबसे ज्यादा अमेरिका में सालों से रह रहे भारतीयों पर पड़ सकता है. तो चलिए जानते हैं क्या है ट्रंप सरकार का नया प्रस्ताव और इससे भारतीयों पर क्या असर पड़ सकता है.

क्या है  H-1B, H-4 वीजा और वर्क परमिट?

अमेरिका के इस नए प्रस्ताव को समझने के लिए सबसे पहले आपको H-1B और H-4 वीजा के बारे में समझना होगा. तो H-1B अमेरिका का सबसे फेमस नॉन इमिग्रेंट वीजा कहा जाता है. इसके जरिए दूसरे देश के आईटी फ्रोफेशनल अमेरिका में आकर नौकरी कर सकते हैं. इसे आसान भाषा में 'स्पेशलाइज्ड वर्क वीजा' भी कहा जाता है. इस वीजा की खासियत यह भी है कि धारक अपने परिवार को साथ में अमेरिका ला सकता है और इसके लिए उनके परिवार को H-4 वीजा दिया जाता है. 

अमेरिका का सबसे ज्यादा H-4 वीजा भारतीयों के पास है. आंकड़ों के मुताबिक 2014 से 2017 के बीच ट्रंप सरकार की ओर से H-4 वीजा के लिए मंजूरी दिए जाने वालों में से 93 प्रतिशत भारतीय नागरिक थे, जिसमें 94 प्रतिशत महिलाएं थीं. इसका मतलब यह है कि भारी संख्या में भारतीय नागरिक H1B वीजा की मदद से अमेरिका जाते हैं और फिर अपने H-4 की मदद से अपने परिवार को भी लेकर जाते हैं.  H-4 वीजा के साथ काम करने योग्य परिवार को वर्क परमिट भी देने का प्रावधान है, लेकिन अब ट्रंप सरकार इसमें बदलाव करने की तैयारी में है.

ट्रंप सरकार का नया प्रस्ताव क्या है?

ट्रंप सरकार के नए प्रस्ताव में H-4 वीजा धारकों को काम करने की अनुमति नहीं दिए जाने का प्रस्ताव है. जिसका मतलब यह है कि अगर आप अपने परिवार के साथ अमेरिका जाना चाहते हैं तो H-4 की मदद से आप जा तो सकते हैं, लेकिन आपको वहां काम करने का परमिशन नहीं होगा. ऐसे में H-1B वीजा धारकों की परेशानी बढ़ सकती है. हालांकि इसका मतलब यह बिल्कुल भी नहीं है कि जिनके पास पहले से वर्क परमिट है उन्हें भी नौकरी छोड़ना होगा. इसे लागू करने के बाद DHS द्वारा पहले नोटिस दिया जाएगा और फिर कुछ समय भी दिया जाएगा. हालांकि इस वर्क परमिट को खत्म करने की कोशिश ट्रंप सरकार ने अपने पहले कार्यकाल के दौरान भी की थी, लेकिन प्रस्ताव को अंतिम रूप नहीं मिल पाया था.