अटलांटा जा रहे विमान के पंख में लगी भीषण आग, फिर कैसे बची यात्रियों की जान? देखें मौत को मात देनेवाला वीडियो
ब्राजील के साओ पाउलो से अटलांटा जा रही डेल्टा एयर लाइंस की फ्लाइट के इंजन में उड़ान भरते ही आग लग गई. 286 लोगों की जान जोखिम में थी, लेकिन पायलट की सूझबूझ और त्वरित निर्णय से सुरक्षित लैंडिंग संभव हो सकी.
नई दिल्ली: ब्राजील के साओ पाउलो एयरपोर्ट पर डेल्टा एयर लाइंस की एक अंतरराष्ट्रीय उड़ान उस समय बड़े हादसे का शिकार होने से बच गई जब टेक-ऑफ के तुरंत बाद उसके इंजन से आग की लपटें निकलने लगीं. एयरबस A330-300 विमान में सवार 272 यात्रियों और 14 क्रू सदस्यों के लिए वह क्षण किसी बुरे सपने से कम नहीं था. विमान के विंग से निकलती चिंगारियों ने हवा में मौजूद सभी लोगों की सांसे अटका दी थीं.
साओ पाउलो के ग्वारुलहोस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे से अटलांटा के लिए उड़ान भरने के कुछ ही मिनटों बाद रविवार, 29 मार्च 2026 को यह घटना घटी. रात के अंधेरे में आसमान में ऊपर उठते समय विमान के बाईं ओर के विंग से आग की लपटें और चिंगारियां साफ देखी जा सकती थीं. सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में साफ दिख रहा है कि विमान के इंजन से भीषण आग निकल रही है और उसका जलता हुआ मलबा भी जमीन पर गिर रहा है.
सुरक्षित लैंडिंग और बचाव दल की मुस्तैदी
आग लगने के बाद पायलट ने अपनी विशेषज्ञता का परिचय देते हुए विमान को सुरक्षित रूप से एयरपोर्ट पर वापस उतारने का निर्णय लिया. फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, आग लगने के बाद विमान लगभग 9 मिनट से अधिक समय तक हवा में रहा. लैंडिंग के समय हवाई अड्डे पर बचाव और अग्निशमन टीमें पहले से ही पूरी तैयारी के साथ तैनात थीं. विमान के रुकते ही तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया और सभी 286 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया.
डेल्टा एयर लाइंस की माफी और जांच के आदेश
हादसे के बाद डेल्टा एयर लाइंस ने आधिकारिक बयान जारी कर यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता बताया. एयर लाइंस ने इस अप्रत्याशित व्यवधान के लिए यात्रियों से माफी मांगी और आग का कारण एक इंजन में आई तकनीकी खराबी को बताया. फिलहाल अधिकारियों ने इस गंभीर हादसे की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है ताकि कारणों का सटीक पता चल सके. सौभाग्य से, इस पूरे घटनाक्रम में किसी भी व्यक्ति के घायल होने की खबर नहीं है.