ईरान सरकार ने नागरिकों को मास्क पहनने की सलाह दी है. सरकार का यह कदम कोरोना वायरस (COVID-19) के मामलों में वृद्धि के चलते उठाया गया है. ईरान में स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि कोरोना वायरस फिर से तेजी से फैल रहा है, हालांकि इस समय इसे लेकर गंभीर चिंता का कोई कारण नहीं है.
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी कोबद मोरादी ने Mehr न्यूज एजेंसी से बातचीत में यह पुष्टि की कि कोरोना वायरस फिर से फैलने लगा है. इसके बावजूद, उन्होंने कहा कि अभी किसी आपातकालीन स्थिति की कोई आवश्यकता नहीं है.
दैनिक मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी
स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारियों के अनुसार, कोरोना वायरस और फ्लू के कारण सांस संबंधी बीमारियों की दर दोगुनी हो गई है. पहले जहां यह दर 2 प्रतिशत थी, अब यह 4 प्रतिशत तक पहुंच गई है. इसके परिणामस्वरूप, अस्पतालों में रोजाना 3 से 6 मरीज कोरोना पॉजिटिव पाए जा रहे हैं.
स्वास्थ्य मंत्रालय की सख्ती
ईरान के उप स्वास्थ्य मंत्री अलीरेजा रायसी ने हाल ही में आदेश दिया है कि मेडिकल विश्वविद्यालयों को सांस संबंधित बीमारियों, विशेष रूप से कोरोना और फ्लू के खिलाफ सतर्कता और रोकथाम उपायों को और तेज करना चाहिए. उनका यह निर्देश सरकार के द्वारा उठाए गए स्वास्थ्य सुरक्षा कदमों का हिस्सा है.
मास्क पहनने की अनिवार्यता
देश में कोरोना के मामलों के बढ़ने के बाद, अब मास्क पहनने को अनिवार्य कर दिया गया है. यह कदम नागरिकों को सुरक्षित रखने और कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है. सरकारी निर्देशों के तहत, केवल उन्हीं लोगों को बाहर जाने की अनुमति होगी जो मास्क पहनकर घर से बाहर निकलेंगे.
सरकार का उद्देश्य
ईरान सरकार का उद्देश्य नागरिकों को स्वास्थ्य संकट से बचाना है. मास्क पहनने से कोरोना वायरस के फैलने की गति को नियंत्रित किया जा सकता है. विशेष रूप से भीड़-भाड़ वाले स्थानों में यह कदम और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाता है, जहां संक्रमण फैलने का खतरा ज्यादा होता है.