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India Daily

ईरान युद्ध के बीच लौट आया कोविड? 'Cicada' वेरिएंट ने बढ़ाई टेंशन, जानें 75 म्यूटेशन वाले इस वायरस से भारत को कितना खतरा?

कोरोना काल से उभरने के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन एक बार फिर कोरोना के एक नया रूप दस्तक देता दिख रहा है...

Ashutosh Rai
Edited By: Ashutosh Rai
ईरान युद्ध के बीच लौट आया कोविड? 'Cicada' वेरिएंट ने बढ़ाई टेंशन, जानें 75 म्यूटेशन वाले इस वायरस से भारत को कितना खतरा?
Courtesy: X

कोरोना वायरस ने एक बार फिर अपना रूप बदला है. अमेरिका के 29 राज्यों में कोविड के नए सब-वेरिएंट BA.3.2 ने स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है. इस नए स्ट्रेन को सिकेडा उपनाम दिया गया है. विश्व स्वास्थ्य संगठन ने भी इसकी गंभीरता को देखते हुए इसे निगरानी के तहत वेरिएंट की श्रेणी में रखा है. आइए जानते हैं कि यह नया वेरिएंट कितना खतरनाक है और क्या इससे भारत को कोई खतरा है.

क्या है Cicada (BA.3.2) वेरिएंट?

सिकेडा असल में ओमिक्रॉन परिवार का ही एक हिस्सा है, जो पुराने BA.3 वंश से विकसित हुआ है. इसे पहली बार 2024 के अंत में दक्षिण अफ्रीका में खोजा गया था. इस वेरिएंट को सिकेडा नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि यह कीड़े की तरह ही कई सालों तक छिपकर विकसित होता रहा और अचानक सामने आ गया.

इसकी सबसे डराने वाली बात इसके जेनेटिक बदलाव हैं. रिसर्च के मुताबिक, सिकेडा के स्पाइक प्रोटीन में 70 से 75 नए म्यूटेशन हुए हैं. स्पाइक प्रोटीन ही वह हिस्सा है जिसे हमारा इम्यून सिस्टम पहचानता है, इसलिए यह म्यूटेशन इसे पिछली इम्यूनिटी या वैक्सीन को चकमा देने में सक्षम बना सकता है.

सिकेडा वेरिएंट के प्रमुख लक्षण

सिकेडा के लक्षण काफी हद तक पुराने ओमिक्रॉन स्ट्रेन जैसे ही हैं, जो ऊपरी श्वसन तंत्र पर हमला करते हैं.

सामान्य लक्षण: तेज बुखार, गले में खराश, लगातार खांसी, थकान, सिरदर्द, बदन दर्द और नाक बंद होना.

दुर्लभ लक्षण: कुछ मरीजों में उल्टी, जी मिचलाना, दस्त या स्वाद और गंध का चले जाना भी देखा गया है.

क्या मौजूदा वैक्सीन इस पर असरदार हैं?

स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि जेएन.1 और एलपी.8.1 के लिए बनाई गई मौजूदा वैक्सीन शायद इस नए वेरिएंट के संक्रमण को पूरी तरह से रोकने में कम असरदार हों. हालांकि, अच्छी खबर यह है कि वैक्सीनेशन अभी भी आपको गंभीर बीमारी और अस्पताल में भर्ती होने के खतरे से मजबूती से बचाता है.

क्या भारत को इससे डरने की जरूरत है?

भारतीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों और WHO के अनुसार, भारत में फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है. भले ही यह 23 से ज्यादा देशों में फैल चुका है, लेकिन यह अभी सबसे ज्यादा हावी होने वाला स्ट्रेन नहीं बना है. दुनियाभर में रिपोर्ट किए गए सिकेडा के ज्यादातर मामले हल्के रहे हैं और मरीज स्टैंडर्ड इलाज से ठीक हो रहे हैं. भारत में इस वेरिएंट से जुड़े संक्रमण में कोई खास उछाल नहीं देखा गया है. हालांकि, स्वास्थ्य एजेंसियां इस पर पैनी नजर बनाए हुए हैं.

Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी और सुझाव केवल सामान्य ज्ञान के लिए हैं. इसे किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प न मानें. किसी भी लक्षण के दिखने पर या अधिक जानकारी के लिए हमेशा अपने डॉक्टर या विशेषज्ञ से सलाह लें. हमारा न्यूज पोर्टल इस जानकारी की कोई जिम्मेदारी नहीं लेता है.