India Maldives Row: चीन मोह में फंसा मालदीव अब भारत के सामने गिड़गिड़ाने लगा है. इस साल मालदीव के तीन मंत्रियों की पीएम मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के बाद दोनों देशों के बीच संबंध काफी ज्यादा खराब हो गए थे. ऐसे में भारत में इस द्वीपीय राष्ट्र के बहिष्कार की मांग ने जोर पकड़ लिया. इसी कारण मालदीव में पर्यटकों की संख्या में भी भारी गिरावट देखी गई. मालदीव की आय का एक बड़ा स्रोत भारतीय पर्यटक हैं. भारतीय टूरिस्ट की संख्या में आई गिरावट की वजह से माले के होश उड़ गए हैं.
मालदीव ने इस दौरान भारतीय पर्यटकों को रिझाने के लिए अपने प्रयास फिर से आरंभ कर दिए हैं. मालदीव मार्केटिंग एंड पब्लिक रिलेशंस कॉरपोरेशन ( MMPRC) के मैनेजमेंट डायरेक्टर फातिमथ तौफीक ने कहा कि पर्यटन बोर्ड ने टूरिस्ट्स की संख्या बढ़ाने के लिए अपने प्रयास शुरु कर दिए हैं. तौफीक ने कहा कि उन्होंने भारतीयों को आकर्षित करने के लिए अपने प्रयास शुरु किए हैं. भारत ने साल 2021 से लेकर साल 2023 तक माले के पर्यटन बाजार में अपना शीर्ष स्थान बनाए रखा था. हालांकि इस साल वह छटे स्थान पर खिसक गया है.
फातिमथ ने एक इंटरव्यू में कहा कि उन्होंने भारतीय बाजार को लुभाने के लिए हर संभव कोशिश शुरू कर दी है. इस दौरान उन्होंने भारतीय बाजार में मालदीव पर्यटन ब्रांड को बढ़ाने के लिए कई एयरलाइनों के साथ चल रही पार्टनरशिप के बारे में भी बताया. उन्होंने कहा कि मालदीव सरकार द्वारा निर्धारित 2 मिलियन वार्षिक आगमन लक्ष्य को हासिल कर लेगा. हम उम्मीद कर रहे हैं कि इस साल 2 मिलियन से अधिक का आगमन होगा.