ट्रंप के पसंदीदा जनरल पर उठे सवाल, आसिम मुनीर का ईरान से संबंध अमेरिका के लिए बनेगा 'रेड फ्लैग' - रिपोर्ट

आसिम मुनीर के ईरान से कथित संबंधों को लेकर अमेरिका में चिंता बढ़ रही है. ट्रंप की तारीफ के बावजूद सुरक्षा विशेषज्ञ इसे संभावित जोखिम मान रहे हैं और उनकी भूमिका पर बहस जारी है.

Pinterest and @TruthTrumpPost x account
Km Jaya

नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर की खुलकर तारीफ करना अब अमेरिकी सुरक्षा तंत्र के कुछ हिस्सों में चिंता का कारण बनता जा रहा है. रिपोर्ट्स के अनुसार ट्रंप ने मुनीर को अपना पसंदीदा फील्ड मार्शल तक बताया है लेकिन इसी बीच उनके ईरान से कथित संबंधों को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मुनीर अमेरिका और ईरान के बीच एक बैकचैनल मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं. हालांकि इस भूमिका को लेकर आलोचकों का कहना है कि यह स्थिति जटिल हो जाती है क्योंकि उनके ईरान के सैन्य नेतृत्व से पुराने रिश्ते बताए जा रहे हैं. खासतौर पर 'इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स' यानी IRGC के वरिष्ठ अधिकारियों से उनकी नजदीकी को लेकर चिंता जताई जा रही है.

रिपोर्ट्स में क्या किया गया दावा?

रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि मुनीर के संबंध ईरान के कुद्स फोर्स के पूर्व कमांडर कासिम सुलेमानी और आईआरजीसी प्रमुख हुसैन सलामी से रहे हैं. इन जानकारियों के सामने आने के बाद अमेरिकी अधिकारियों के बीच यह बहस तेज हो गई है कि क्या मुनीर की यह भूमिका रणनीतिक रूप से सुरक्षित है या नहीं.

आलोचकों का क्या है कहना?

अमेरिका और पाकिस्तान के रिश्तों में पहले से ही भरोसे की कमी रही है. खासकर अफगानिस्तान युद्ध के दौरान पाकिस्तान की भूमिका को लेकर अमेरिका में कई बार सवाल उठे हैं. आलोचकों का कहना है कि पाकिस्तान ने एक ओर अमेरिका से सहायता ली, वहीं दूसरी ओर तालिबान से जुड़े नेटवर्क को लेकर उसकी भूमिका संदिग्ध रही.

FDD के विश्लेषकों ने क्या दी है चेतावनी?

फाउंडेशन फॉर डिफेंस ऑफ डेमोक्रेसीज के विश्लेषकों ने भी चेतावनी दी है कि पाकिस्तान की सैन्य नीतियों और उसके क्षेत्रीय संबंधों को सावधानी से समझना जरूरी है. उनका मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाने से यह जरूरी नहीं कि पाकिस्तान पूरी तरह अमेरिकी हितों के अनुरूप ही काम करे.

वर्तमान स्थिति में अमेरिकी नीति निर्माताओं के सामने एक संतुलन बनाने की चुनौती है. एक ओर ट्रंप और मुनीर के बीच व्यक्तिगत संबंध हैं, वहीं दूसरी ओर खुफिया रिपोर्ट्स से जुड़े जोखिम भी सामने आ रहे हैं.

मध्य पूर्व और दक्षिण एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच यह बहस जारी है कि मुनीर अमेरिका के लिए एक उपयोगी कड़ी साबित होंगे या फिर एक संभावित रणनीतिक जोखिम बन सकते हैं.