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चीन के पास तैयार हो चुका 1 हजार परमाणु हथियार? पाकिस्तान में न्यूक्लियर बमों का भंडार! अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुले कई राज

China Massive Nuclear Buildup: अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) की 2025 की विश्वव्यापी खतरे की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अपने परमाणु हथियारों के भंडार को तेजी से बढ़ा रहा है. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन ने 600 ऑपरेशनल परमाणु हथियारों की सीमा पार कर ली है और 2030 तक 1000 से अधिक हथियार तैनात करने की राह पर है.

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Edited By: Babli Rautela
चीन के पास तैयार हो चुका 1 हजार परमाणु हथियार? पाकिस्तान में न्यूक्लियर बमों का भंडार! अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में खुले कई राज
Courtesy: Social Media

China Massive Nuclear Buildup: अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) की 2025 की विश्वव्यापी खतरे की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन अपने परमाणु हथियारों के भंडार को तेजी से बढ़ा रहा है. रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि चीन ने 600 ऑपरेशनल परमाणु हथियारों की सीमा पार कर ली है और 2030 तक 1000 से अधिक हथियार तैनात करने की राह पर है. यह वृद्धि 2035 तक जारी रहेगी, जिसमें अधिकांश हथियार उच्च तत्परता स्तर पर तैनात होंगे. चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) एक ऐसी परमाणु ताकत बना रही है, जो सटीक हमलों से लेकर बड़े पैमाने पर अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल हमलों तक सक्षम हो. यह विस्तार ताइवान पर कब्जे और अमेरिका को चुनौती देने की चीन की रणनीति का हिस्सा है.

दुनिया के 90% परमाणु हथियार रूस और अमेरिका के पास हैं. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की जून 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, रूस के पास 4,380 और अमेरिका के पास 3,708 परमाणु हथियार हैं. दोनों देशों की तुलना में चीन का जखीरा छोटा है, लेकिन इसकी तेज वृद्धि वैश्विक चिंता का कारण है. अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की परमाणु ताकत 2035 तक 1,500 हथियारों तक पहुंच सकती है, हालांकि यह अभी भी अमेरिका की तुलना में आधे से कम होगी.

भारत-पाकिस्तान की परमाणु ताकत

SIPRI की जून 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत के पास 172 और पाकिस्तान के पास 170 परमाणु हथियार हैं. यह पहली बार है जब भारत ने हथियारों की संख्या में पाकिस्तान को पीछे छोड़ा है. दोनों देश अपनी परमाणु क्षमता को आधुनिक बना रहे हैं. भारत की नजर मुख्य रूप से चीन पर है, और वह लंबी दूरी की मिसाइलें विकसित कर रहा है, जो पूरे चीन को निशाना बना सकती हैं. दूसरी ओर, पाकिस्तान भारत को अपना सबसे बड़ा खतरा मानता है और युद्धक्षेत्र में इस्तेमाल होने वाले छोटे परमाणु हथियारों पर ध्यान दे रहा है. 

भारत की रणनीति और नीति

भारत की परमाणु नीति 'नो फर्स्ट यूज' (NFU) पर आधारित है, यानी वह पहले परमाणु हमला नहीं करेगा. इसका मकसद चीन और पाकिस्तान जैसे पड़ोसियों से खतरे को रोकना है. भारत ने 2003 में अपनी परमाणु नीति घोषित की थी, जो जैविक या रासायनिक हथियारों के हमले की स्थिति में परमाणु जवाब देने की इजाजत देती है. भारत ने हाल ही में अग्नि-5 मिसाइल का सफल टेस्ट किया, जिसमें मल्टीपल इंडिपेंडेंटली-टारगेटेबल री-एंट्री व्हीकल (MIRV) तकनीक है, जो कई लक्ष्यों को एक साथ निशाना बना सकती है.