नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही नाजुक राजनयिक प्रक्रिया एक बार फिर नई दिशा लेती दिख रही है. इस्लामाबाद में हाल ही में हुई बैठक बिना किसी ठोस समझौते के खत्म होने के बावजूद, वाशिंगटन अब ईरानी पक्ष के साथ नई आमने-सामने की बैठक आयोजित करने की संभावनाएं तलाश रहा है.
मीडिया की रिपोर्ट के अनुसार, युद्धविराम की समय सीमा नजदीक आने के साथ ही अमेरिकी प्रशासन जल्द कोई ठोस कदम उठाने को तैयार है. क्षेत्रीय मध्यस्थ देशों के साथ संपर्क जारी है और स्थिति पर नजर रखी जा रही है.
अमेरिकी अधिकारियों ने संभावित तिथियों और स्थानों की खोज शुरू कर दी है. ये योजनाएं अगले कुछ दिनों में ईरान और क्षेत्रीय मध्यस्थों के साथ होने वाली बातचीत के नतीजे पर निर्भर करेंगी. सूत्रों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया अभी प्रारंभिक चरण में है, इसलिए कोई भी अंतिम फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया जाएगा.
11 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी में हुई लगभग 21 घंटे लंबी बैठक में कोई ठोस प्रगति नहीं हो सकी. अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वैंस ने प्रेस ब्रीफिंग में स्वीकार किया कि दोनों पक्ष समझौते तक पहुंचने में असफल रहे. फिर भी बातचीत का सिलसिला पूरी तरह टूटा नहीं है.
खबरों की मानें तो तुर्की इस पूरे मामले में तनाव कम करने और दोनों पक्षों को करीब लाने की कोशिशों में आगे है. क्षेत्रीय सूत्रों के मुताबिक बातचीत का एक और दौर जल्द हो सकता है. इससे पहले जिनेवा, वियना और इस्तांबुल जैसे शहरों को भी संभावित स्थल के रूप में देखा गया था.
इस प्रक्रिया से जुड़े लोगों का कहना है कि अमेरिकी प्रशासन राजनयिक सफलता को लेकर सतर्क लेकिन आशावादी है. अगर बातचीत सही दिशा में बढ़ी तो युद्धविराम की अवधि बढ़ाने पर भी सहमति बन सकती है. वाशिंगटन और तेहरान के बीच बैकग्राउंड में संपर्क जारी है.
एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि समझौते तक पहुंचने के प्रयास लगातार चल रहे हैं. खबरों की मानें तो 'अमेरिका और ईरान के बीच निरंतर बातचीत जारी है.' अगर सब कुछ ठीक रहा तो जल्द ही नई बैठक की तारीख सामने आ सकती है.