पाकिस्तान, इजरायल के बाद अब कंबोडिया ने भी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को शांति का नोबेल पुरस्कार देने की मांग की है. कंबोडिया ने शुक्रवार को कहा कि वह ट्रंप को नोबेल पुरस्कार के लिए नामित करेगा. कंबोडिया ने यह फैसला तब लिया है जब ट्रंप के दखल के बाद थाइलैंड के साथ उसका युद्ध खत्म हुआ है. कंबोडिया के उपप्रधानमंत्री ने कहा, 'हम राष्ट्रपति ट्रंप के प्रयासों के आभारी हैं. उन्होंने शांति बहाली में अहम भूमिका निभाई है और इसलिए वह नोबेल पुरस्कार के पात्र हैं.'
एक फोन कॉल से समाप्त हुआ युद्ध
बता दें कि पिछले सप्ताह ट्रंप की एक फोन कॉल ने कंबोडिया और थाइलैंड के बीच युद्ध को खत्म करने में निर्णायक भूमिका निभाई थी. सोमवार को मलेशिया में दोनों देशों के बीच युद्धविराम समझौता हुआ. इस युद्ध में 43 लोगों की मौत हुई थी और दोनों देशों से 3 लाख से अधिक लोग विस्थापित हुए थे.
नोबेल पुरस्कार पर भारत ने क्या कहा
वहीं भारत ने शुक्रवार को कहा कि व्हाइट हाउस से यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि क्या अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को युद्ध व संघर्ष रोकने के लिए नोबेल का शांति पुरस्कार मिलना चाहिए.
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने व्हाइट हाउस द्वारा ट्रंप को नोबेल शांति पुरस्कार देने की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर कहा कि जहां तक व्हाइट हाउस के बयानों का सवाल है. कृपया अपना प्रश्न उनसे पूछें.