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India Daily

भूटान में ग्लेशियल झील फटने से तबाही, रातोंरात 10 हजार लोगों का रेस्क्यू; बंगाल में संकोश नदी के किनारे हाई अलर्ट

भूटान में ग्लेशियर झील से अचानक पानी निकलने के बाद बाढ़ का खतरा पश्चिम बंगाल तक पहुंचने की आशंका बढ़ गई.

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Edited By: Reepu Kumari
भूटान में ग्लेशियल झील फटने से तबाही, रातोंरात 10 हजार लोगों का रेस्क्यू; बंगाल में संकोश नदी के किनारे हाई अलर्ट
Courtesy: ChatGpt

Bhutan Glacial Lake Burst: पहाड़ों पर मौजूद ग्लेशियर झीलों का अचानक फटना निचले इलाकों के लिए बड़ी मुसीबत बन सकता है. भूटान में ऐसी ही घटना के बाद पश्चिम बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई. शिंताफू झील से ग्लेशियल लेक आउटबर्स्ट फ्लड (GLOF) का खतरा देखते हुए अलीपुरद्वार प्रशासन ने अलर्ट जारी किया. संभावित बाढ़ को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का अभियान शुरू किया गया.

इसका सबसे ज्यादा असर कुमारग्राम इलाके में देखने को मिला. प्रशासन ने करीब 10 हजार लोगों को उनके घरों से निकालकर सुरक्षित जगहों पर पहुंचाया. कुछ लोगों को राहत शिविरों में रखा गया, जबकि बाकी लोगों को सुरक्षित इलाकों में भेजा गया. इस दौरान पुलिस, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें लगातार हालात पर नजर रखती रहीं.

4 से 5 हजार लोगों ने राहत शिविरों में ली शरण

अलीपुरद्वार के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शाह के मुताबिक, करीब 4 से 5 हजार लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया. अन्य 6 हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया. स्कूलों और सामुदायिक भवनों को अस्थायी आश्रय बनाया गया.

NDRF-SDRF की टीमें अलर्ट पर

संभावित खतरे से निपटने के लिए एसडीआरएफ की टीम तैनात की गई. एनडीआरएफ को भी मौके के लिए रवाना किया गया. सिविल डिफेंस के कर्मचारियों को राहत और बचाव अभियान में लगाया गया. प्रशासन ने साफ किया कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने की तैयारी है.

18 स्थानों पर बनाए गए राहत केंद्र

कुमारग्राम ब्लॉक में करीब 18 जगहों पर लोगों के रहने की व्यवस्था की गई. इनमें स्कूल, सामुदायिक भवन और चाय बागानों से जुड़े परिसर शामिल थे. कुछ राहत केंद्रों में सैकड़ों लोगों को ठहराया गया. उनके लिए भोजन, पीने का पानी, सूखा राशन और शौचालय जैसी सुविधाएं जुटाई गईं.

संकॉश नदी के आसपास जारी किया गया रेड अलर्ट

प्रशासन ने संकॉश नदी और आसपास के क्षेत्रों में रेड अलर्ट जारी किया था. पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि नदी में पानी के साथ मरी हुई मछलियां, लकड़ी के बड़े टुकड़े और कंक्रीट का मलबा भी आ सकता है. इसलिए लोगों से नदी के पास जाने से बचने की अपील की गई.

अब कैसी है स्थिति?

पुलिस अधीक्षक अमित कुमार शाह ने बताया कि पानी के बहाव की तीव्रता में कमी आई थी. बाद में कुमारग्राम में फ्लैश फ्लड का असर खत्म होने और भारतीय क्षेत्र में सभी लोगों के सुरक्षित होने की जानकारी सामने आई. प्रशासन अब हालात सामान्य करने और लोगों को सुरक्षित तरीके से वापस भेजने की दिशा में काम कर रहा है.