बांग्लादेश में भारतीय उच्चायोग के अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत

बांग्लादेश के चटगांव शहर में इंडियन हाई कमीशन के एक अधिकारी की संद्गिग्ध परिस्थियों में मौत हो गई. इस घटना के सामने आते ही हड़कंप मच गया है.

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Kuldeep Sharma

नई दिल्ली: बांग्लादेश से एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है. बांग्लादेश के चटगांव शहर में इंडियन हाई कमीशन के एक अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. इस रहस्यमयी घटना के बाद से हड़कंप मच गया है और स्थानीय पुलिस मौत की सही वजह का पता लगाने के लिए जांच में जुट गई है.

कमरे का दरवाजा तोड़ा तो मिला शव

यह पूरी घटना चटगांव के खुलशी इलाके में स्थित इंडियन असिस्टेंट हाई कमीशन के दफ्तर में हुई है. मृतक अधिकारी की पहचान 35 वर्षीय नरेंद्र के रूप में हुई है जो भारत के हरियाणा के रहने वाले थे. नरेंद्र यहां सिक्योरिटी प्रोटोकॉल ऑफिसर के पद पर तैनात थे. उनकी अचानक मौत से दूतावास के उनके साथी और बाकी स्टाफ मेंबर्स गहरे सदमे में हैं. फिलहाल मौत की असली वजह साफ नहीं हो पाई है और पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है.

कब हुई ये घटना?

यह मामला मंगलवार की सुबह तब सामने आया जब नरेंद्र ने अपने कमरे का दरवाजा काफी देर तक नहीं खोला. इसके बाद उनके साथी अधिकारियों और कर्मचारियों ने पहले तो दरवाजा खटखटाया और अंदर संपर्क करने की कोशिश की लेकिन जब काफी देर तक अंदर से कोई हलचल या जवाब नहीं मिला तो सब परेशान हो गए और तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई. मौके पर पहुंची पुलिस ने जब कमरे का दरवाजा तोड़ा तो अंदर नरेंद्र बेसुध हालत में पड़े मिले जिसके बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया गया.

अधिकारियों दी पूरी जानकारी

चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस के कमिश्नर हसन मोहम्मद शौकत अली ने बांग्लादेशी मीडिया द डेली स्टार को बताया कि शुरुआती कागजी कार्रवाई पूरी कर ली गई है. इस संवेदनशील मामले की कानूनी प्रक्रिया के तहत CMP के उपायुक्त अमीरुल इस्लाम ने स्पष्ट किया है कि पुलिस इस घटना के संबंध में 'अप्राकृतिक मौत' का मामला दर्ज करने जा रही है.

जांच रिपोर्ट तैयार करने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए चटगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मुर्दाघर भेज दिया गया है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शुरुआती तफ्तीश में मौत की कोई स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है और पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट मिलने के बाद ही असली कारणों का पता चल सकेगा जिसके बाद शव को सम्मानपूर्वक भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा.