Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में जारी हिंसा के बीच हिंदू पार्षद की हत्या कर दी गई है, जबकि 27 जिलों में मंदिरों, दुकानों और घरों में तोड़फोड़ की गई है. शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से बांग्लादेश के कम से कम 27 जिलों में भीड़ ने उत्पात मचाया और अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय के कई मंदिरों, घरों और दुकानों में तोड़फोड़ की. जिस हिंदू पार्षद की हत्या की गई है, वो आवामी लीग का नेता था. वहीं, बड़े पैमाने पर महिलाओं पर भी हमले की खबर है.
पिछले हफ़्ते बांग्लादेश में जो अशांति फैली, उससे उसके मशहूर क्रिकेटर भी नहीं बच पाए हैं. पूर्व राष्ट्रीय कप्तान मशरफे मुर्तजा के घर को सोमवार को भीड़ ने कथित तौर पर आग के हवाले कर दिया. हालांकि, क्रिकेटर को कोई चोट नहीं आई.रिटायरमेंट के बाद, पूर्व तेज गेंदबाज ने 2018 में शेख हसीना की अगुआई वाली अवामी लीग में शामिल होकर राजनीति में कदम रखा था.
बांग्लादेशी निर्माता सलीम खान को सोमवार को बांग्लादेश में हुए उत्पात के दौरान उनके एक्टर बेटे शांतो खान के साथ पीट-पीटकर मार डाला गया. सलीम खान ने बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान पर एक फिल्म बनाई थी और टॉलीवुड (कोलकाता) में उनकी कई फिल्में बन चुकी हैं.
बांग्लादेश में चल रहे संकट पर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को संसद को बताया कि भारत पिछले 24 घंटों में विकसित और जटिल स्थिति के बारे में ढाका में अधिकारियों के साथ नियमित संपर्क में है. उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए खतरे पर गहरी चिंता व्यक्त की और जोर देकर कहा कि भारत उम्मीद करता है कि मेजबान सरकार भारतीय प्रतिष्ठानों की रक्षा करेगी ताकि स्थिति में सुधार होने पर वे सामान्य रूप से काम कर सकें.
बांग्लादेश में अराजकता का माहौल है, प्रदर्शनकारियों के एक वर्ग ने स्मारकों और आधिकारिक इमारतों में तोड़फोड़ की है. उधर, कई जिलों में अल्पसंख्यकों के धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ की खबरों के बाद कई छात्र संगठन और राजनीतिक दलों की युवा शाखाएं मंदिरों और चर्चों के बाहर सुरक्षा के लिए तैनात हैं. मंदिरों के बाहर सुरक्षा घेरा बनाए छात्रों और युवाओं की ऐसी कई तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई हैं.
नागपुर में आयोजित एक बैठक में आरएसएस के पूर्व सरकार्यवाह भैयाजी सुरेश जोशी ने कहा कि बांग्लादेश में स्थिति अस्थिर है और अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाया जा रहा है, मंदिरों में आग लगाई जा रही है तथा केंद्र को इस संबंध में तत्काल हस्तक्षेप करना चाहिए.
वहीं, ढाका से एयर इंडिया का विमान दिल्ली में उतरा, जिसमें सवार एक यात्री ने कहा कि बांग्लादेश में स्थिति अब काफी हद तक नियंत्रित है. कल से सब कुछ यानी कारखाने, कार्यालय, बैंक, कॉलेज और स्कूल खुल जाएंगे. मैं अपने परिवार से मिलने आया हूं.
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने बांग्लादेश में उथल-पुथल में विदेशी खिलाड़ियों की संलिप्तता से इनकार नहीं किया, लेकिन स्पष्ट बयान देने से परहेज किया और कहा कि स्थिति बहुत अस्थिर है. वे सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को जवाब दे रहे थे. एक टीवी चैनल ने जयशंकर के हवाले से कहा कि किसी भी बात पर फैसला करना या उसे खारिज करना जल्दबाजी होगी, लेकिन एक पाकिस्तानी राजनयिक ने बांग्लादेश में हलचल का समर्थन करने के लिए अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल तस्वीर बदली है.
बांग्लादेश की स्थिति पर अमेरिका की भी प्रतिक्रिया आई है. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन पियरे ने कहा कि हम बांग्लादेश में स्थिति पर बहुत बारीकी से नज़र रख रहे हैं. हम लंबे समय से बांग्लादेश में संबंधित लोकतांत्रिक अधिकारों की मांग करते रहे हैं और हम आग्रह करते हैं कि अंतरिम सरकार का गठन लोकतांत्रिक और समावेशी हो. हम सेना की ओर से दिखाए गए संयम की सराहना करते हैं. हम सभी पक्षों को आगे की हिंसा से बचने और जितनी जल्दी हो सके शांति बहाल करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं.
उन्होंने कहा कि हम वीकेंड और पिछले हफ्तों में हताहतों और घायलों की रिपोर्टों के बारे में अपनी गहरी चिंता और दुख व्यक्त करते हैं. हम उन लोगों के साथ अपनी गहरी संवेदना साझा करते हैं जिन्होंने अपने प्रियजनों को खो दिया है और जो पीड़ित हैं. नई सरकार के लिए सभी हमलों की सावधानीपूर्वक और विश्वसनीय जांच करना और जवाबदेही प्रदान करना महत्वपूर्ण होगा.
नोबेल पुरस्कार विजेता मुहम्मद यूनुस बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का नेतृत्व करेंगे, क्योंकि पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने अपने शासन के खिलाफ बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन के बीच इस्तीफा दे दिया और देश छोड़कर भाग गईं. राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन की प्रेस सचिव जोयनल आबेदीन ने यूनुस की नई भूमिका की घोषणा की. इससे पहले, ढाका ट्रिब्यून के अनुसार, यूनुस अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार की भूमिका निभाने के लिए सहमत हो गए थे.
राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने विपक्षी नेता खालिदा जिया को भी नजरबंदी से रिहा करने का आदेश दिया. अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की लंबे समय से प्रतिद्वंद्वी रहीं जिया को 2018 में हसीना की सरकार ने भ्रष्टाचार के आरोपों में दोषी ठहराया था. वहीं, बांग्लादेश के राष्ट्रपति ने मंगलवार को संसद को भंग कर दिया, जिससे लंबे समय से प्रधानमंत्री रहीं शेख हसीना के स्थान पर नए चुनावों का रास्ता साफ हो गया. हसीना अपने शासन के खिलाफ कई सप्ताह तक चले तीव्र विरोध प्रदर्शन के बाद इस्तीफा देकर देश छोड़कर भाग गई थीं.