Eight Pakistanis Shot Dead In Iran: ईरान के सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के मेहरेस्तान जिले के हैजाबाद क्षेत्र में शनिवार को एक भीषण हमला हुआ, जिसमें पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से आए आठ प्रवासी मजदूरों को गोलियों से भून दिया गया. मृतकों में दिलशाद, उनके बेटे मोहम्मद नईम, जफर, दानिश, नासिर और तीन अन्य शामिल हैं, जिनके नाम अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं. ये सभी मजदूर एक कार मरम्मत वर्कशॉप में बतौर मैकेनिक काम कर रहे थे.
इस हमले की जिम्मेदारी बलोच अलगाववादी संगठन बलोच नेशनलिस्ट आर्मी (BNA) ने ली है. यह संगठन पाकिस्तान से स्वतंत्रता की मांग करता है, लेकिन अब इसकी गतिविधियां ईरान में भी फैलती दिख रही हैं. हमलावरों ने मजदूरों को पहले बांधा और फिर बेहद बेरहमी से गोलियों से मार दिया. इस हमले ने पूरे क्षेत्र को दहला दिया है.
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस कायरतापूर्ण हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा, 'हम ईरान में अपने नागरिकों की इस अमानवीय और कायरतापूर्ण हत्या की कड़ी निंदा करते हैं. हम ईरानी सरकार से अनुरोध करते हैं कि इस मामले की गहन जांच करे और मृत व्यक्तियों के शव जल्द से जल्द पाकिस्तान पहुंचाए.'
वहीं ईरान में पाकिस्तान के राजदूत मुदस्सिर टिपू ने संयुक्त जांच की बात कही है. दूसरी ओर पाकिस्तान में ईरान के राजदूत रजा अमीरी मोगदाम ने इसे आतंकवाद की वैश्विक चुनौती करार देते हुए कहा, 'आतंकवाद पूरे क्षेत्र के लिए एक साझा खतरा है. इससे निपटने के लिए क्षेत्रीय स्तर पर संयुक्त प्रयास आवश्यक हैं.'
यह पहली बार नहीं है जब प्रवासी मजदूर निशाना बने हों. इसी साल जनवरी में ईरान के सरावान क्षेत्र में नौ पाकिस्तानी मजदूरों की भी हत्या कर दी गई थी. हमलावरों ने दोनों घटनाओं में एक जैसी रणनीति अपनाई — मजदूरों को चुनकर टारगेट करना.
बलूचिस्तान क्षेत्र पाकिस्तान, ईरान और अफगानिस्तान में फैला हुआ है और लंबे समय से अशांति और अलगाववाद से जूझ रहा है. BNA और बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) जैसे संगठनों ने कई बार सुरक्षा बलों, चीनी परियोजनाओं और रेलवे को निशाना बनाया है. हाल ही में BLA ने जाफर एक्सप्रेस ट्रेन को हाईजैक कर लिया था, जिसमें 30 लोग मारे गए.
बलूच संगठनों का आरोप है कि सरकारें उनके संसाधनों का शोषण करती हैं, लेकिन विकास की कोई सुध नहीं ली जाती. इसके साथ ही मानवाधिकार हनन और जबरन गायब किए जाने के भी आरोप लगते रहे हैं.
हालांकि BNA का ढांचा BLA के मुकाबले छोटा है, लेकिन यह हमला संगठन द्वारा अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की गंभीर कोशिश माना जा रहा है. अभी तक ईरान ने जैश-अल-अदल के खिलाफ तो कई कार्रवाई की है, लेकिन BNA को लेकर रुख नरम रहा है.