नई दिल्ली: लगभग तीन दशकों तक ईरान की सियासत और मजहब के सबसे बड़े चेहरे रहे अयातुल्ला अली खामेनेई आखिरकार अपने आखिरी सफर पर निकलने वाले हैं. उनकी मौत के तीन महीने बाद होने जा रहे इस अंतिम संस्कार में जुटने वाली रिकॉर्ड तोड़ भीड़ दुनिया को हैरान करने के लिए तैयार है.
ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को उनकी मौत के तीन महीने से भी अधिक समय बाद बुधवार को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा. ईरान सरकार ने इस मौके पर तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है और देश भर में एक बहुत बड़े सार्वजनिक अंतिम संस्कार की योजना बनाई है.
ईरानी अधिकारियों के अनुसार तेहरान, कौम और मशहद सहित कई बड़े शहरों में शोक सभाएं और अंतिम संस्कार के जुलूस निकाले जाएंगे. प्रशासन को उम्मीद है कि इन कार्यक्रमों में लाखों-करोड़ों लोग शामिल होंगे. तेहरान के डिप्टी मेयर मोहम्मद अमीन तवाकोली-जादेह ने बताया कि सरकार ने इस दौरान जुटने वाली भारी भीड़ को संभालने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं.
मुख्य अंतिम संस्कार कार्यक्रम राजधानी तेहरान में आयोजित होगा जहां अधिकारियों को 20 मिलियन यानी तकरीबन 2 करोड़ लोगों के जुटने की उम्मीद है. यह पूरा कार्यक्रम लगातार 24 घंटे तक चलने का अनुमान है जिसके लिए सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट और क्राउड मैनेजमेंट की खास तैयारियां की गई हैं.
खामेनेई के दफनाने में हुई इस लंबी देरी ने हर किसी का ध्यान खींचा है क्योंकि इस्लामिक परंपराओं में आमतौर पर मौत के तुरंत बाद शव को दफनाने का नियम है. हालांकि ईरान सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि अंतिम संस्कार को सिर्फ इसलिए टाला गया ताकि आने वाले करोड़ों शोककुल लोगों के लिए सही और सुरक्षित इंतजाम किए जा सकें.
गौरतलब है कि खामेनेई की मौत 86 वर्ष की उम्र में उनके आवास पर हुए एक हमले के दौरान हुई थी. मार्च की शुरुआत में उनकी मौत का एलान किया गया था. वह तीन दशकों से अधिक समय तक ईरान के सर्वोच्च नेता रहे और देश की घरेलू व विदेश नीतियों पर उनका गहरा प्रभाव था. उनकी मौत के बाद जनता के बीच मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं जहां कई लोग बेहद गमगीन थे तो कुछ की राय अलग भी थी. बहरहाल यह अंतिम संस्कार ईरान के इतिहास की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक होने जा रहा है.