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India Daily

कब रुकेगा अत्याचार? पाकिस्तान में मंदिरों पर फिर हमला, कराची में हिंदू देवताओं की मूर्तियों को किया गया खंडित

कराची में एक ऐतिहासिक इमारत में हिंदू देवी देवताओं की मूर्तियां तोड़ी गईं, जिससे अल्पसंख्यक समुदाय में आक्रोश है और कार्रवाई की मांग उठी है.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
कब रुकेगा अत्याचार? पाकिस्तान में मंदिरों पर फिर हमला, कराची में हिंदू देवताओं की मूर्तियों को किया गया खंडित
Courtesy: Grok AI

नई दिल्ली: पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों खास तौर पर हिंदु समुदाय को लगातार निशाना बनाया जा रहा है. इसबार देश की आर्थिक राजधानी कराची में एक ऐतिहासिक इमारत के अंदर भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियां तोड़ दी गईं. इस घटना ने न केवल स्थानीय हिंदू समुदाय बल्कि पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है. पाकिस्तान के एक हिंदू सामाजिक कार्यकर्ता ने शुक्रवार को यह दावा किया. 

इसका खुलासा पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्ची ने किया. उनका कहना है कि कराची की ऐतिहासिक सैगॉन मेसन इमारत में मूर्तियों को तोड़ना बेहद निंदनीय है. उन्होंने कहा, 'हम इस शर्मनाक हरकत की कड़ी निंदा करते हैं.' कच्ची ने आगे बताया कि यह घटना दो दिन पहले हुई थी.

सोशल मीडिया पर पोस्ट में क्या कहा?

सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा, 'यह सिर्फ किसी इमारत को नुकसान पहुंचाने का काम नहीं है बल्कि यह पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत, धार्मिक सद्भाव और वहां रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों की भावनाओं पर हमला है.'

सरकार से क्या की अपील?

उन्होंने सरकार से इस घटना की जांच करने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की अपील की और कहा कि इस हरकत से हिंदू समुदाय को गहरा सदमा लगा है. उन्होंने जोर देकर कहा, 'दोषियों को बिना किसी देरी के गिरफ्तार किया जाना चाहिए और उन्हें कड़ी सजा मिलनी चाहिए. इस ऐतिहासिक इमारत की तुरंत मरम्मत और सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए.'

कब की है यह इमारत?

यह घटना कराची के ऐतिहासिक सगन मेसन भवन में हुई, जहां आजादी से पहले के दौर में 1937 में बनी इस इमारत में हिंदू समुदाय की कीमती मूर्तियां और दूसरे धार्मिक प्रतीक रखे हुए हैं. पाकिस्तान में हिंदू समुदाय और उनके धार्मिक स्थलों पर हमलों का यह पहला मामला नहीं है. इससे पहले भी कई बार मंदिरों और धार्मिक प्रतीकों को निशाना बनाया जा चुका है. 

इन घटनाओं ने वहां रहने वाले अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. भारत ने संयुक्त राष्ट्र जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इस मुद्दे पर पाकिस्तान का कई बार पर्दाफाश किया है और इस मामले पर तीखे सवाल उठाए हैं. इस तरह की घटना ने इस ऐतिहासिक धरोहर की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं.