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India Daily

कभी बंकर तो कभी शील्ड... ऑपरेशन सिंदूर के बाद खौफ में आसिम मुनीर, दावोस में भी पहन डाली बुलेटप्रूफ जैकेट; वीडियो वायरल

दावोस में असीम मुनीर की बुलेटप्रूफ जैकेट वाली तस्वीर वायरल होने से सोशल मीडिया पर अटकलें तेज हो गई हैं. ऑपरेशन सिंदूर के बाद उनकी सुरक्षा और दावोस में मौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं.

Km Jaya
Edited By: Km Jaya
कभी बंकर तो कभी शील्ड... ऑपरेशन सिंदूर के बाद खौफ में आसिम मुनीर, दावोस में भी पहन डाली बुलेटप्रूफ जैकेट; वीडियो वायरल
Courtesy: @Theunk5555 x account

नई दिल्ली: दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज असीम मुनीर की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इस तस्वीर में असीम मुनीर को बुलेटप्रूफ जैकेट पहने देखा जा रहा है. तस्वीर सामने आते ही सोशल मीडिया पर तरह तरह के कयास लगाए जाने लगे.

यूजर्स यह सवाल कर रहे हैं कि क्या दावोस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुरक्षा डर के कारण उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी. तस्वीर में असीम मुनीर के साथ पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और अन्य अधिकारी भी नजर आ रहे हैं. यह पहली बार नहीं है जब असीम मुनीर को सार्वजनिक मंच पर बुलेटप्रूफ सुरक्षा में देखा गया हो.

क्या भारत का सता रहा है खौफ?

रिपोर्ट्स के अनुसार भारत की ऑपरेशन सिंदूर के बाद से वह लगातार कड़ी सुरक्षा के बीच दिखाई देते रहे हैं. दिसंबर 2025 में भी असीम मुनीर का एक वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो में वह अपने सैनिकों और अधिकारियों को बुलेटप्रूफ कांच के केबिन के पीछे से संबोधित कर रहे थे. उस समय सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सेना और उसके नेतृत्व को लेकर काफी आलोचना हुई थी. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे भारत के खुफिया तंत्र का डर बताया.

सोशल मीडिया पर यूजर्स ने क्या कहा?

कई यूजर्स ने इसे सेना के भीतर डर और असुरक्षा से जोड़ा था. दावोस में उनकी मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.
कई लोगों ने पूछा कि एक सैन्य प्रमुख का आर्थिक और व्यापारिक मंच पर क्या काम है. कुछ ने इसे आंतरिक खतरे से जोड़ते हुए तंज कसे. 

असीम मुनीर क्यों गए दावोस?

इस बीच यह भी चर्चा में है कि पाकिस्तान दावोस क्यों पहुंचा था. पाकिस्तानी मंत्री और असीम मुनीर डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर दावोस पहुंचे थे. बताया गया कि पाकिस्तान ने ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने की सहमति दी है.

यह बोर्ड गाजा की स्थिति की निगरानी के लिए बनाया गया है. भारत को भी इस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण मिला है.हालांकि भारत ने अब तक इस पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है. असीम मुनीर की दावोस यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण हैं.