नई दिल्ली: दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2026 के दौरान पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज असीम मुनीर की एक तस्वीर सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है. इस तस्वीर में असीम मुनीर को बुलेटप्रूफ जैकेट पहने देखा जा रहा है. तस्वीर सामने आते ही सोशल मीडिया पर तरह तरह के कयास लगाए जाने लगे.
यूजर्स यह सवाल कर रहे हैं कि क्या दावोस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर सुरक्षा डर के कारण उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहनी थी. तस्वीर में असीम मुनीर के साथ पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार और अन्य अधिकारी भी नजर आ रहे हैं. यह पहली बार नहीं है जब असीम मुनीर को सार्वजनिक मंच पर बुलेटप्रूफ सुरक्षा में देखा गया हो.
I am sure Munir is wearing the Concealed Bullet Proof Jacket.
— Elite Predators (@elitepredatorss) January 23, 2026
Considering the bulge around his waist. He is wearing the CBPJ NIJ IIIA + STAB1, which protects from pistol shots and stabbing. pic.twitter.com/Lu5bNco3oW
रिपोर्ट्स के अनुसार भारत की ऑपरेशन सिंदूर के बाद से वह लगातार कड़ी सुरक्षा के बीच दिखाई देते रहे हैं. दिसंबर 2025 में भी असीम मुनीर का एक वीडियो वायरल हुआ था. इस वीडियो में वह अपने सैनिकों और अधिकारियों को बुलेटप्रूफ कांच के केबिन के पीछे से संबोधित कर रहे थे. उस समय सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी सेना और उसके नेतृत्व को लेकर काफी आलोचना हुई थी. सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने इसे भारत के खुफिया तंत्र का डर बताया.
कई यूजर्स ने इसे सेना के भीतर डर और असुरक्षा से जोड़ा था. दावोस में उनकी मौजूदगी को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं.
कई लोगों ने पूछा कि एक सैन्य प्रमुख का आर्थिक और व्यापारिक मंच पर क्या काम है. कुछ ने इसे आंतरिक खतरे से जोड़ते हुए तंज कसे.
इस बीच यह भी चर्चा में है कि पाकिस्तान दावोस क्यों पहुंचा था. पाकिस्तानी मंत्री और असीम मुनीर डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर दावोस पहुंचे थे. बताया गया कि पाकिस्तान ने ट्रंप के बोर्ड ऑफ पीस में शामिल होने की सहमति दी है.
यह बोर्ड गाजा की स्थिति की निगरानी के लिए बनाया गया है. भारत को भी इस बोर्ड में शामिल होने का निमंत्रण मिला है.हालांकि भारत ने अब तक इस पर अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है. असीम मुनीर की दावोस यात्रा ऐसे समय में हुई है जब भारत और पाकिस्तान के रिश्ते तनावपूर्ण हैं.